रायगढ़, समग्र शिक्षा जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़ और श्री अरविंद सोसाइटी के सम्मिलित प्रयासों से जिले के नवाचारी शिक्षकों के लिए शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार कार्यक्रम के अंतर्गत ई-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जिले के 20 नवाचारी शिक्षकों ने एक -एक कर अपने शून्य निवेश नवाचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए श्री जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ आर.पी.आदित्य, जिला मिशन समन्वयक रायगढ़ आर.के.देवांगन एवं विशिष्ट अतिथियों के रूप में सहायक परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा रायगढ़ भुवनेश्वर पटेल एवं श्री अशोक शर्मा राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रमुख, रूपांतर श्री अरविंद सोसाइटी ने आयोजन में भाग लिया।
शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए मुख्य अतिथि आर.पी.आदित्य ने कहा कि टी.एल.एम.के उपयोग से कक्षा शिक्षण रोचक बनता है और इससे विद्यार्थियों के अधिगम में सुधार होता है। श्री आदित्य ने शून्य निवेश नवाचारों पर कहा कि कोरोना काल में विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़ा है। हालांकि शिक्षकों ने सीखने की प्रक्रिया को बनाए रखने और अधिगम स्तर में आए अंतर को दूर करने की पूरी कोशिश की है, लेकिन समय के अभाव और सीमित संसाधनों के बीच विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को बढ़ाने के लिए शिक्षकों के नवाचारों का उपयोग करना कारगर सिद्ध होगा। हमें आशा है कि ई-प्रदर्शनी में साथी शिक्षकों के नवाचारों को देख अन्य शिक्षकगण भी शून्य निवेश नवाचार करने और टी.एल.एम.के माध्यम से पढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे।
ऑनलाइन सत्र में शिक्षकों का मनोबल बढ़ाते हुए भुवनेश्वर पटेल ने कहा टीएलएम का इस्तेमाल करते हुए पढ़ाना सामान्य है, लेकिन आवश्यक यह है कि शिक्षकगण समय और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को देखते हुए नए टीएलएम विकसित करने के लिए प्रेरित हो। ऑनलाइन ई-प्रदर्शनी से शिक्षकों को नए नवाचार करने और नए टीएलएम बनाने के विचार आएंगे जिससे विद्यार्थियों को बहुत लाभ मिलेगा। किताब तक सीमित न रहकर जब शिक्षा को अनुभवात्मक बनाया जाता है तो छात्रों की रुचि पढ़ाई में बढ़ती है और उनके भीतर निरंतर सीखने की ललक जागृत होती है। नवाचारों के माध्यम से इस ध्येय को पूरा किया जा सकता है।
आयोजन के लिए शिक्षा अधिकारियों का धन्यवाद देते हुए और शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए श्री अरविंद सोसाइटी के रूपांतर कार्यक्रम के राष्ट्रीय प्रशिक्षण प्रमुख श्री अशोक शर्मा ने कहा कि शिक्षकगण सभी सकारात्मक क्रांंतियों के जनक हैं। उन्होंने कहा एक शिक्षक की इच्छा शक्ति और संकल्प सिद्ध करने की ताकत सबसे महान होती है क्योंकि यदि शिक्षक अपने कार्य सिद्ध करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं तो सभी अन्य क्षेत्र इससे प्रभावित होते हैं। शिक्षकों के नवाचार उनकी इसी इच्छाशक्ति और कर्तव्य निष्ठा के प्रतीक हैं क्योंकि अपने कार्यक्षेत्र से बढ़ कर एवं सामान्य से हटकर कार्य करने वाले ही सफलता प्राप्त करते हैं। इस ई-प्रदर्शनी से जिले के नवाचारी शिक्षकों की सफलता को उचित मंच मिला है और हमें विश्वास है कि शिक्षकों के प्रयासों से संपूर्ण शिक्षा प्रणाली और अन्य क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
ई-प्रदर्शनी में जिले के 20 नवाचारी शिक्षकों ने अपने नवाचार ऑनलाइन माध्यम से साझा किए। श्री अरविन्द सोसाइटी के शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार कार्यक्रम के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर श्री द्रोण ने जिला रायगढ़ की इस ई-प्रदर्शनी का संचालन किया। ई-प्रदर्शनी का प्रसारण यूट्यूब के माध्यम से लाइव किया गया, जिसे जिले के अधिकांश शिक्षकों ने लाभ लिया है और इसका उपयोग नए टीएलएम बनाकर बच्चों को लाभान्वित करेंगे।

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