सारंगढ़। जिले के जिला खाद्य अधिकारी गणेश कुमार कुर्रे अपनी सरल, सहज और कर्मयोगी कार्यशैली के चलते अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ आम जनता के बीच भी विशेष पहचान रखते हैं। प्रशासनिक दक्षता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनशीलता का बेहतर समन्वय उनके व्यक्तित्व में देखने को मिलता है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने व्यवहार कुशलता, टीम भावना और समन्वय को प्राथमिकता देते हुए विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है।
श्री कुर्रे की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता सभी के प्रति समान व्यवहार और सहयोग की भावना है। अधिकारी हों या कर्मचारी, सभी के साथ उनका व्यवहार सम्मानजनक और सहयोगपूर्ण रहता है। उनकी मिलनसार प्रकृति और संगठन के प्रति समर्पण ने उन्हें जिले में एक अलग पहचान दिलाई है। वे विभागीय कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करने के साथ-साथ आपसी तालमेल और टीम भावना के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर देते हैं।
खाद्य विभाग की जिम्मेदारियां सीधे आम नागरिकों और किसानों से जुड़ी हुई हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली, धान खरीदी और खाद्य सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन के लिए अहम होता है। इन योजनाओं को पारदर्शिता के साथ हितग्राहियों तक पहुंचाने और विभागीय समन्वय बनाए रखने में गणेश कुमार कुर्रे की भूमिका सराहनीय बताई जाती है। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक सहजता से पहुंचे, इसे वे अपनी कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
कठिन परिस्थितियों में धैर्य और सूझबूझ के साथ निर्णय लेना भी उनकी कार्यशैली का अहम पहलू है। वे केवल कार्यालय में बैठकर विभागीय कामकाज संचालित करने तक सीमित रहने के बजाय मैदानी स्तर पर वास्तविक स्थिति को समझने और समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास करने में विश्वास रखते हैं। उनकी यह कार्यशैली विभागीय कार्यों को गति देने के साथ ही कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक मानी जाती है।
जिला खाद्य अधिकारी के रूप में उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारु बनाए रखने, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की निगरानी करने और धान खरीदी से संबंधित व्यवस्थाओं के बेहतर संचालन में महत्वपूर्ण है। इन दायित्वों के निर्वहन में कार्य के प्रति प्रतिबद्धता, समयबद्धता और पारदर्शिता का विशेष महत्व रहता है।
गणेश कुमार कुर्रे की सरलता, व्यवहार कुशलता और कर्तव्य के प्रति समर्पण उन्हें एक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता है। उनकी कार्यशैली यह संदेश देती है कि प्रशासनिक पद की वास्तविक सार्थकता केवल आदेश देने में नहीं, बल्कि टीम को साथ लेकर चलने, जनता की समस्याओं को समझने और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में है। एक कर्मयोगी अधिकारी के रूप में उनकी कार्यनिष्ठा और समन्वयपूर्ण दृष्टिकोण निश्चित ही प्रशासनिक कार्यसंस्कृति के लिए प्रेरणादायी है।
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