सारंगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए जनपद पंचायत सारंगढ़ के सीईओ राधेश्याम नायक ने सख्त रुख अपनाया है। विकासखंड की तीन ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में आवास अपूर्ण पाए गए। अधिकारियों ने हितग्राहियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में निर्माण कार्य शुरू नहीं करने और आवास पूर्ण नहीं कराने पर आवास निरस्त करने के साथ पहले से आहरित राशि की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।
जिला पंचायत सीईओ तिवारी के निर्देश पर पिछले दो दिनों में जनपद पंचायत की निरीक्षण टीम ने ग्राम पंचायत गोढ़िहारी, दानसरा और अचानकपाली में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत अपूर्ण आवासों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आया कि तीनों ग्राम पंचायतों में कुल 256 आवास अब भी अधूरे हैं। इनमें गोढ़िहारी में 93, दानसरा में 75 और अचानकपाली में 88 आवास अपूर्ण पाए गए।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अधिकांश हितग्राहियों ने आवास निर्माण के लिए प्रथम और द्वितीय किस्त की राशि प्राप्त कर ली है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ा है। कई स्थानों पर नींव निर्माण के बाद काम बंद पड़ा है, जबकि कुछ आवास छत स्तर तक पहुंचने के बाद अधूरे हैं। वहीं, कुछ हितग्राहियों ने राशि प्राप्त करने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू तक नहीं किया है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने मौके पर मौजूद हितग्राहियों को जल्द निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए।
सीईओ राधेश्याम नायक ने हितग्राहियों को निर्देशित किया कि वे अगले 8 से 10 दिनों के भीतर हर हाल में आवास निर्माण कार्य प्रारंभ करें और दिसंबर 2026 तक अपने आवास पूर्ण कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। ऐसे में योजना के तहत राशि प्राप्त करने के बाद भी निर्माण कार्य में लापरवाही बरतना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नायक ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय-सीमा में निर्माण कार्य शुरू नहीं करने वाले हितग्राहियों के आवास निरस्त करने तथा अब तक आहरित की गई राशि की वसूली के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा प्रत्येक पात्र हितग्राही को सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराने की है। इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान पंचायत इंस्पेक्टर सुरेश राठिया, पीओ युवराज पटेल और कमलेश खुटें सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सीईओ ने ग्राम पंचायतों के सचिवों, रोजगार सहायकों और आवास मित्रों को भी निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से हितग्राहियों के संपर्क में रहें, निर्माण कार्य में आवश्यक सहयोग करें और आवासों की प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर जनपद पंचायत कार्यालय को भेजें।
अब प्रशासन की सख्ती के बाद संबंधित ग्राम पंचायतों में अधूरे आवासों के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। वहीं, हितग्राहियों के सामने दिसंबर 2026 तक आवास पूर्ण करने की चुनौती है।
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