सारंगढ़। राष्ट्रीय जनगणना 2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए पृथक कोड नंबर निर्धारित करने और छत्तीसगढ़ में 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने अपनी ताकत दिखाई। 15 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के तहत सारंगढ़ में भी बड़ी संख्या में सामाजिक बंधुओं ने रैली निकालकर केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
ओबीसी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राधेश्याम साहू के निर्देशन तथा बस्तर संभागीय अध्यक्ष दिनेश यदु और प्रदेश सहसचिव सतीश यादव के नेतृत्व में बस्तर संभाग सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सामाजिक बंधु एकत्रित हुए। लोगों ने शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालते हुए ओबीसी समाज के अधिकारों और मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। रैली कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
महासभा की प्रमुख मांग है कि केंद्र सरकार वर्ष 2027 की राष्ट्रीय जनगणना के प्रारूप में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की तरह अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए भी अलग कॉलम निर्धारित करे, ताकि जातिवार जनगणना के माध्यम से ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या का आंकड़ा सामने आ सके। महासभा का कहना है कि जनसंख्या के स्पष्ट आंकड़े उपलब्ध होने से समाज की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का आकलन करने तथा योजनाओं के निर्माण में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। महासभा ने कहा कि समाज के अधिकारों और उचित प्रतिनिधित्व के लिए इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।
इस अवसर पर प्रदेश सहसचिव सतीश यादव ने कहा कि ओबीसी महासभा द्वारा कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज देश की बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन जातिवार जनगणना के स्पष्ट आंकड़ों के अभाव में उसकी वास्तविक जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का समुचित आकलन नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नवंबर 2026 तक महासभा की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन दिल्ली के जंतर-मंतर पर उग्र आंदोलन करेगा। उन्होंने समाज के लोगों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट रहने का आह्वान भी किया।
प्रदर्शन के दौरान राकेश पटेल, शंकर देवांगन, अविनाश पुरी गोस्वामी, गायत्री श्रीवास, नीरा पटेल, विकास यादव, सुरेश यादव, खिलेश साहू, सागर साहू, नरेश पटेल, अनिल चौधरी, जाहिद खान, गौतम यादव और भानु गोस्वामी सहित अनेक पदाधिकारी एवं सामाजिक बंधु उपस्थित रहे।
ओबीसी महासभा के इस प्रदर्शन के जरिए जातिगत जनगणना और 27 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से उठाया गया। अब संगठन की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई पर है।
