रायपुर: देश के पूर्वी तट की तरफ चक्रवाती तूफान जवाद तेजी से बढ़ रहा है. अनुमान है कि ये तूफान आंध्र प्रदेश और ओडिशा तटीय इलाकों से टकराएगा। इस तूफान का असर देश के अलग-अलग हिस्सों में पड़ेगा। लेकिन इससे सबसे ज्यादा आंध्र प्रदेश और ओडिशा प्रभावित होंगे। ऐसे में दोनों राज्यों की सरकार ने इसे लेकर कई दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। देश के पूर्वी तट पर फिर से चक्रवाती तूफान का खतरा बना हुआ है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जवाद तूफान का कहर देखने को मिल सकता है। चक्रवात जवाद के आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के पास व पश्चिमी मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की आशंका है। इसके बाद ये ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट के पास पूर्वोत्तर की ओर बढ़ेगा। जवाद 5 दिसंबर की दोपहर को पुरी के आसपास के तट तक पहुंचेगा।

जवाद तूफान के असर से छत्तीसगढ़ में मौसम में जबरदस्त बदलाव हुआ है। जिसके असर से आज और कल बारिश के आसार है। जवाद तूफान के कारण शुक्रवार से बादल छाए हुए हैं। जिसके चलते तापमान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं कुछ घंटों बाद प्रदेश के कई इलाकों में में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की माने तो शुक्रवार से ही प्रदेश की हवा में नमी बढ़ गई है। सुकमा और जशपुर में बादल छाए रहे। वहीं रविवार तक मौसम में किसी तरह के कोई बदलाव के आसार नहीं है। बादल होने के कारण पूरे प्रदेश के तापमान में बदलाव के आसार। रात के तापमान में विशेष परिवर्तन के आसार है। क्या हो सकती है जवाद की रफ्तार? बता दें कि चक्रवात जवाद को लेकर देशभर में अलर्ट है। इस तूफान की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे रहने के आसार हैं। तेज हवाओं के चलते पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ सकते हैं। चक्रवात से निपटने के लिए पूर्वी तट वाले राज्यों में NDRF की 46 टीमों को तैनात कर दिया गया है।

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