सारंगढ़। जिले की ग्राम पंचायतें इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पटेल के अनुसार, मनरेगा योजना के तहत जिलेभर में करीब 26 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। इसमें अकेले सारंगढ़ जनपद पंचायत का 6 करोड़ रुपये से अधिक का देयक बताया जा रहा है।
राकेश पटेल ने बताया कि डीएमएफ मद वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 200 निर्माण कार्यों में से 133 कार्य लगभग पूर्ण या पूर्ण हो चुके हैं। पंचायतों ने इन विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए कर्ज और उधारी का सहारा लिया, लेकिन कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान लंबित रहने से पंचायतों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
उनका कहना है कि कई पंचायतों में मजदूरों की मजदूरी, मटेरियल सप्लायरों का भुगतान और उधार लिए गए पैसों का ब्याज चुकाना बाकी है। भुगतान में देरी के कारण सरपंचों पर भी आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। कुछ पंचायतों में ठेकेदारों द्वारा काम बंद करने की चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई है।
राकेश पटेल के अनुसार, दुर्गा पूजा जैसे बड़े पर्व के नजदीक होने के बावजूद पंचायतों के पास भुगतान के लिए पर्याप्त राशि नहीं है। सरपंचों की ओर से शासन से कई बार लंबित भुगतान जारी करने की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि लंबित राशि का शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं और आगामी निर्माण कार्यों की गति भी रुक सकती है। पंचायत प्रतिनिधियों ने शासन से मनरेगा एवं डीएमएफ मद की लंबित राशि जल्द जारी करने की मांग की है।
