सारंगढ़-बिलाईगढ़, 23 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने रंजर पारा, सारंगढ़ निवासी श्रीमती शारदा बाई सारथी के परिवार की रसोई की तस्वीर बदल दी है। पहले लकड़ी और उपलों से चूल्हा जलाकर खाना पकाने के दौरान धुएं की परेशानी के साथ ईंधन जुटाने में समय और मेहनत भी लगती थी। अब एलपीजी कनेक्शन मिलने से खाना पकाना आसान और सुविधाजनक हो गया है।
शारदा बाई अनुसूचित जाति वर्ग से आती हैं और उनका परिवार खेती पर निर्भर है। चार सदस्यों वाले परिवार के लिए पारंपरिक चूल्हे पर रोजाना खाना बनाना काफी मेहनत भरा था। उज्ज्वला योजना के तहत उन्हें गैस कनेक्शन, चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेंडर मिला, जिससे लकड़ी और उपले जुटाने की निर्भरता कम हुई और घरेलू काम में समय की बचत होने लगी।
योजना के तहत 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 367 रुपये की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में अंतरित किए जाने से रिफिल कराने में भी आर्थिक सहायता मिलती है। शारदा बाई के लिए यह सुविधा केवल ईंधन का बदलाव नहीं, बल्कि स्वच्छ रसोई और बेहतर दैनिक जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बनी है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामने आ रही बदलाव की कहानियों में शारदा बाई की कहानी यह बताती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जब परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ता है, तो उसका असर सीधे जीवनशैली में दिखाई देता है। धुएं वाले चूल्हे से एलपीजी तक का सफर उनके परिवार के लिए सुविधा, समय की बचत और स्वच्छ रसोई की नई शुरुआत लेकर आया है।

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