सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ पुलिस के दिशा-निर्देशानुसार जिले में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को बढ़ते ऑनलाइन अपराधों, साइबर ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करना है। अभियान के छठे सप्ताह 20 से 26 सितंबर तक जिलेभर में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें पुलिस ने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, सरकारी विभागों के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े और निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर लोगों को विशेष रूप से सतर्क किया।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न थानों, पुलिस चौकियों, स्कूलों, कॉलेजों और हाट-बाजारों में कुल 61 विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 5,295 से अधिक नागरिकों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों को समझाया कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं और थोड़ी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान के साथ-साथ व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का कारण बन सकती है।
पुलिस ने बताया कि फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए ठगी का मामला लगातार सामने आ रहा है। साइबर ठग किसी परिचित व्यक्ति के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट बनाते हैं और उसके दोस्तों या रिश्तेदारों से आपात स्थिति बताकर पैसे मांगते हैं। ऐसे किसी भी संदेश पर तत्काल विश्वास करने के बजाय संबंधित व्यक्ति को सीधे फोन कर वास्तविकता की पुष्टि करना जरूरी है।
इसी तरह साइबर ठग सरकारी विभागों और अधिकारियों के नाम का सहारा लेकर लोगों को डराने-धमकाने अथवा जुर्माने की बात कहकर ठगी करने का प्रयास करते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध सरकारी संदेश, कॉल या नोटिस पर तुरंत पैसे ट्रांसफर न करें और उसकी सत्यता संबंधित विभाग से जांच लें।
साइबर सुरक्षा के लिए पुलिस ने नागरिकों को अपनी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक नहीं करने की सलाह दी है। घर का पता, मोबाइल नंबर, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य संवेदनशील जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा करने से बचने को कहा गया है।
पुलिस ने मोबाइल और इंटरनेट उपयोग के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की अपील की है। अनजान लिंक, संदिग्ध वेबसाइट अथवा APK फाइल पर क्लिक नहीं करने, आकर्षक ऑफर के नाम पर आने वाले संदेशों से सावधान रहने तथा सोशल मीडिया और बैंकिंग खातों के लिए मजबूत पासवर्ड रखने की सलाह दी गई है। जन्मतिथि या मोबाइल नंबर जैसे आसानी से अनुमान लगाए जा सकने वाले विवरण को पासवर्ड नहीं बनाने को कहा गया है। साथ ही सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय ऑनलाइन बैंकिंग या यूपीआई लेन-देन से बचने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने पर जोर दिया है। किसी ऑनलाइन ठगी की घटना होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करने और cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। साथ ही ठगी से संबंधित चैट, मोबाइल नंबर, स्क्रीनशॉट, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने तथा संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देने की सलाह दी गई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सावधान रहें, बिना सत्यापन के किसी के कहने पर पैसे ट्रांसफर न करें और अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव में जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी थाना, पुलिस चौकी या साइबर हेल्प डेस्क को दें।
पुलिस का संदेश स्पष्ट है-सतर्क रहें, सावधान रहें और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहें।

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