सारंगढ़। नगर पंचायत बिलाईगढ़ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) यशवंत देवांगन के खिलाफ सामने आई गंभीर शिकायतों को लेकर प्रशासनिक जांच जारी है। स्वच्छता समूह से जुड़ी महिलाओं ने कलेक्टर के समक्ष सीएमओ पर कथित लैंगिक उत्पीड़न एवं अशोभनीय व्यवहार के आरोप लगाए हैं। शिकायत को जांच के लिए एसडीएम बिलाईगढ़ को भेजे जाने के बाद जांच दल गठित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मामला उस समय और गंभीर हो गया, जब नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभारी अनूप जायसवाल ने एसडीएम बिलाईगढ़ को शिकायत देकर आरोप लगाया कि जांच से संबंधित महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज एवं पीआईसी रजिस्टर सीएमओ के निवास पर रखे गए हैं। शिकायत में रजिस्टर में कथित तौर पर छेड़छाड़ और अध्यक्ष की अनुपस्थिति में लिखा-पढ़ी किए जाने का आरोप लगाया गया है।

अध्यक्ष की अनुपस्थिति में रजिस्टर में लिखा-पढ़ी का आरोप
शिकायत के अनुसार 7 सितंबर को पीआईसी रजिस्टर नगर पंचायत कार्यालय के बजाय सीएमओ के निवास पर रखा गया और अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उसमें लिखा-पढ़ी की गई। अध्यक्ष प्रभारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को सीएमओ के निवास पर भेजे जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार मौके पर पूछताछ के दौरान सीएमओ द्वारा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में रजिस्टर में लिखा-पढ़ी किए जाने की बात स्वीकार की गई। मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने का भी दावा शिकायत में किया गया है।
अधिकारियों से बदसलूकी का भी आरोप
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि जांच के दौरान सीएमओ ने मौके पर हंगामा किया और पहुंचे राजस्व अधिकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
हटाने, एफआईआर और निलंबन की मांग
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभारी अनूप जायसवाल ने सीएमओ को तत्काल हटाने, स्वच्छता समूह की महिलाओं द्वारा लगाए गए कथित लैंगिक उत्पीड़न के आरोपों की शीघ्र एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा पीआईसी रजिस्टर में कथित छेड़छाड़ के मामले में एफआईआर दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम बोले—जांच जारी
एसडीएम रजक ने कहा कि सीएमओ के खिलाफ लैंगिक उत्पीड़न तथा पीआईसी रजिस्टर में छेड़छाड़ जैसी गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई हैं और मामले की जांच जारी है।
वहीं अध्यक्ष प्रभारी अनूप जायसवाल का कहना है कि सीएमओ पर स्वच्छता दीदियों के साथ अशोभनीय व्यवहार तथा पीआईसी रजिस्टर में छेड़छाड़ के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर एवं निलंबन जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरा मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है। जांच के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।
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