सारंगढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय सरसीवां में पदस्थ एक शिक्षक पर छात्र-छात्राओं को डांटने, धमकाने और छत्तीसगढ़ बोर्ड से नाम कटवाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप अभिभावकों ने लगाया है। मामले को लेकर अभिभावकों ने जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपकर शिक्षक के विरुद्ध विभागीय जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के साथ यदि बिना किसी गलती के डांट-फटकार और धमकी जैसी घटनाएं होती हैं, तो इसका उनके मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को भयभीत करने के बजाय शिक्षकों को उनके प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार करना चाहिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्राओं के अभिभावक रमेश कुमार, मनहर एवं घनश्याम नारंग ने विद्यालय के शिक्षक मृत्युंजय साहू पर उनकी बेटियों को डांटने और छत्तीसगढ़ बोर्ड से नाम कटवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
अभिभावकों द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि काव्या जाटवर और पाल्या पेरिसा नारंग दोनों सहपाठी हैं और कक्षा 10वीं अंग्रेजी माध्यम में अध्ययनरत हैं। आवेदन के अनुसार, दोनों छात्राओं ने तबीयत खराब होने पर अंग्रेजी माध्यम की शिक्षिका अंजलि कैवर्त्य से छुट्टी ली थी और कक्षा कक्ष में आराम कर रही थीं।
अभिभावकों का आरोप है कि इसके बाद शिक्षक मृत्युंजय साहू ने दोनों छात्राओं को स्टाफ रूम के बाहर बुलाकर जोर-जोर से डांट-फटकार की तथा उनका नाम छत्तीसगढ़ बोर्ड से कटवाने और भविष्य में किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं मिलने संबंधी धमकी दी। अभिभावकों के अनुसार, इस घटना से छात्राएं मानसिक रूप से परेशान हो गईं। एक छात्रा की तबीयत भी बिगड़ने पर विद्यालय स्टाफ द्वारा परिजनों को फोन कर जानकारी दी गई और उन्हें विद्यालय बुलाया गया।
अभिभावकों का यह भी कहना है कि घटना के बाद वे विद्यालय पहुंचे और प्रभारी प्राचार्य को शिकायत पत्र दिया, लेकिन शिकायत की पावती उपलब्ध नहीं कराई गई और शिक्षक के विरुद्ध तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद अभिभावकों ने जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
अभिभावकों ने मांग की है कि बच्चों को कथित रूप से डांटने-धमकाने, बोर्ड से नाम कटवाने की धमकी देने और मानसिक प्रताड़ना पहुंचाने के मामले की विभागीय जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

वर्सन—
आरोपों के संबंध में पीएम श्री स्वामी आत्मानंद विद्यालय सरसीवां में पदस्थ शिक्षक मृत्युंजय साहू ने कहा कि अभिभावकों द्वारा उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप झूठे और निराधार हैं।
वहीं, विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य रमेश नायक ने बताया कि मामला शनिवार का बताया जा रहा है। उन्होंने बच्चों को प्रताड़ित करने संबंधी किसी भी प्रकार की घटना होने से इनकार किया है।
अब अभिभावकों की शिकायत और शिक्षक व विद्यालय प्रबंधन के पक्ष के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग मामले की जांच में क्या तथ्य सामने लाता है तथा आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
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