सारंगढ़। बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आम नागरिकों को डिजिटल ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सारंगढ़ जिले में व्यापक साइबर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। 15 अगस्त से शुरू होकर 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिले के सभी थानों एवं चौकियों की पुलिस टीमें ग्रामीण अंचलों से लेकर प्रमुख सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर रही हैं।
अभियान के दौरान विशेष रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपयोग की जा रही विभिन्न ऐप्स और डिजिटल माध्यमों से होने वाली ठगी के संबंध में लोगों को सावधान किया जा रहा है। पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि एसएमएस, व्हाट्सएप, टेलीग्राम अथवा किसी अनजान स्रोत से प्राप्त APK लिंक को कभी टच न करें और ऐसी APK फाइलों को डाउनलोड या इंस्टॉल करने से बचें।
पुलिस ने लोगों को यह भी समझाया कि मोबाइल ऐप्स हमेशा केवल आधिकारिक स्रोतों से ही डाउनलोड किए जाएं। एंड्रॉइड उपयोगकर्ताओं को गूगल प्ले स्टोर और आईफोन उपयोगकर्ताओं को ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी गई है, ताकि फर्जी और संदिग्ध एप्लीकेशन के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी से बचा जा सके।
आज जिलेभर में 20 अलग-अलग स्थानों पर आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम
अभियान के तहत आज जिले के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, साप्ताहिक बाजारों, कॉलेजों, स्कूलों, बैंकों सहित समस्त थानों एवं चौकियों के अलग-अलग 20 स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 2,800 लोगों को साइबर अपराधों और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
जागरूकता कार्यक्रमों में साइबर ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध ईमेल, वित्तीय धोखाधड़ी, फिशिंग, आकर्षक वित्तीय प्रलोभन, ओटीपी और पिन साझा करने से होने वाले नुकसान सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। लोगों को समझाया गया कि बैंक, पुलिस या किसी भी संस्था के नाम पर आने वाले संदिग्ध कॉल और संदेशों पर भरोसा न करें तथा किसी भी स्थिति में अपना ओटीपी, पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
ठगी का शिकार होने पर तुरंत डायल करें 1930
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो बिना देरी किए तत्काल टोल-फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत करते समय आवश्यक जानकारी जैसे पीड़ित का व्यक्तिगत विवरण और फोन नंबर, बैंक खाता संबंधी जानकारी, घटना की दिनांक, ठगी गई कुल राशि, ठगी करने वाले का मोबाइल नंबर तथा बैंक ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट या अन्य साक्ष्य उपलब्ध रखने की भी सलाह दी गई है।
सारंगढ़ पुलिस का यह व्यापक अभियान आमजन को सतर्क और जागरूक बनाकर साइबर अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या संदेश के झांसे में न आएं।


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