सारंगढ़-बिलाईगढ़, 21 अगस्त 2026। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देशानुसार एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी उत्तम प्रसाद के मार्गदर्शन में जिले में बाल संरक्षण, बाल अधिकार एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ बाल विवाह, बाल श्रम और बाल शोषण जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम सुनिश्चित करना है।
अगस्त माह में जिले के विभिन्न छात्रावासों एवं स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान छात्र-छात्राओं को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, पॉक्सो अधिनियम, बाल श्रम की रोकथाम एवं बच्चों के अधिकारों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। बच्चों को किसी भी प्रकार की समस्या, शोषण अथवा संकट की स्थिति में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रमों में वर्तमान समय की महत्वपूर्ण चुनौती साइबर सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय तथा सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देकर सतर्क रहने की अपील की गई।
बाल विवाह रोकने मैदानी अमले को किया सतर्क
जागरूकता अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की परियोजना स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में बाल विवाह की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने तथा बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग एवं अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही फोस्टर केयर एवं दत्तक ग्रहण सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को उचित देखभाल, संरक्षण एवं पुनर्वास से जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। मैदानी कार्यकर्ताओं को बच्चों से जुड़ी समस्याओं की समय पर पहचान कर उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया गया।

सुरक्षित बचपन के लिए सामूहिक जिम्मेदारी
जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और बालिकाओं के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण तैयार करना, बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक लगाना तथा बच्चों से संबंधित समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित करना है। कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय के साथ-साथ मैदानी स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को भी बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण अथवा बच्चों से संबंधित किसी भी संकट की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित विभाग या अधिकारियों को सूचना दें। जरूरत पड़ने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का उपयोग कर बच्चे को सुरक्षित एवं आवश्यक सहायता दिलाने में सहयोग करें।
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