सारंगढ़-बिलाईगढ़। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 की कृषि एवं उद्यानिकी फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। जिले के ऋणी एवं अऋणी किसान बैंक, सहकारी समिति, लोक सेवा केंद्र और कृषि विभाग के माध्यम से निर्धारित तिथि तक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा करा सकते हैं।
उप संचालक कृषि ने बताया कि फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षा प्रदान करती है। कम वर्षा, बोआई या अंकुरण में बाधा, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, आकाशीय बिजली, चक्रवाती वर्षा और बेमौसम बारिश जैसी परिस्थितियों में किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। किसानों से अधिक से अधिक संख्या में फसल बीमा कराने की अपील की गई है ताकि प्राकृतिक जोखिमों से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके।
इस वर्ष खरीफ सीजन में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, कोदो-कुटकी, रागी, अरहर, मूंगफली, उड़द एवं मूंग को योजना में शामिल किया गया है। इन फसलों के लिए किसानों को बीमित राशि का मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। वर्ष 2026 के लिए बजाज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड अधिकृत बीमा कंपनी नियुक्त की गई है। कृषि विभाग ने सभी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों एवं मैदानी अमले को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर प्रत्येक पात्र किसान को बीमा आवरण में लाने के निर्देश दिए हैं।
उद्यानिकी किसानों को भी मिलेगा सुरक्षा कवच
उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों के लिए भी पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू है। टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, पपीता, अमरूद और केला की खेती करने वाले किसान बीमित राशि का 5 प्रतिशत प्रीमियम जमा कर अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। यह योजना अनियमित वर्षा, अत्यधिक तापमान, ओलावृष्टि और कीट-व्याधियों से होने वाले नुकसान की भरपाई के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
ये किसान होंगे पात्र
योजना का लाभ जिले के सभी ऋणी एवं अऋणी उद्यानिकी किसान उठा सकते हैं। ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक द्वारा किया जाएगा, जबकि अऋणी किसान राष्ट्रीयकृत बैंक, सहकारी समितियों, सेवा सेतु केंद्र या अधिकृत बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
फसल बीमा कराने के लिए किसानों को आधार कार्ड (आधार सत्यापन सहित), भूमि संबंधी दस्तावेज (बी-1 एवं पी-2/खसरा नकल), बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति तथा फसल बुआई या प्रस्तावित फसल का स्व-घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा।
कृषि एवं उद्यानिकी विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे 31 जुलाई 2026 से पहले अपना फसल बीमा अवश्य कराएं और प्राकृतिक आपदाओं से अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित करें। अधिक जानकारी के लिए किसान सहायक संचालक उद्यान कार्यालय (मंडी के पास, सारंगढ़), शासकीय उद्यान रोपणी नदीगांव, पेंड्रावन, बेलटिकरी तथा संबंधित ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।





