सारंगढ़-बिलाईगढ़। मूसलाधार बारिश के बीच लात नाला (माधोपाली पुल) पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद लापता चालक देवनारायण पटेल एवं उनकी पत्नी की तलाश में जिला प्रशासन और पुलिस की त्वरित व साहसिक कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। हादसे के 35 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस, SDRF और NDRF की संयुक्त टीमें उफनती नदी के तेज बहाव और विकट परिस्थितियों की परवाह किए बिना युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं।
घोटला बड़े निवासी देवनारायण पटेल की कार उफनते नाले को पार करते समय तेज बहाव की चपेट में आकर बह गई थी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने बिना समय गंवाए खुद मोर्चा संभाला और सीधे ग्राउंड जीरो पर उतरकर पूरी रेस्क्यू मुहिम का नेतृत्व किया। अधिकारियों की इस तत्परता और संवेदनशीलता ने न केवल राहत एवं बचाव दलों का हौसला बढ़ाया है, बल्कि संकट की घड़ी में एक मिसाल भी पेश की है।
अमझर पुल सहित आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में जवानों के समर्पण को देखते हुए स्थानीय ग्रामीण और पीड़ित परिजन भी पुलिस व प्रशासन के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा कर रहे हैं। रेस्क्यू को गति देने के लिए बाहर से विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम को तत्काल बुलाया गया है और सभी एजेंसियां अद्भुत समन्वय के साथ काम कर रही हैं।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने स्पष्ट किया है कि जिले के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जब तक लापता व्यक्ति का सुराग नहीं मिल जाता, अभियान पूरी ताकत से जारी रहेगा। वहीं एसपी सुनील शर्मा के मार्गदर्शन में सर्च ऑपरेशन को लगातार तेज किया जा रहा है। फिलहाल उफनते पानी के बीच राहत कार्य जारी है और पूरा जिला देवनारायण पटेल के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।






