सारंगढ़-बिलाईगढ़। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एवं पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सभी बैंकों एवं माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक लेकर ऋण वितरण, वसूली और धोखाधड़ी के मामलों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में बैंकवार हितग्राहियों को दिए गए ऋण, उनकी वसूली तथा फर्जीवाड़े से जुड़े मामलों और शिकायतों की जानकारी ली गई।
बैठक में कलेक्टर और एसपी ने सभी बैंकर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक ऋण स्वीकृति से पहले आवेदक, गवाह तथा उनके द्वारा दर्शाई गई चल एवं अचल संपत्तियों का अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन किया जाए, ताकि फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि बैंक और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की जिम्मेदारी केवल ऋण देना नहीं, बल्कि ग्राहकों को जागरूक करना भी है। यदि किसी महिला या पुरुष को गुमराह कर उनके नाम पर ऋण लिया जा रहा है, तो संबंधित संस्था की जिम्मेदारी है कि वह आवेदक को स्पष्ट रूप से बताए कि भविष्य में उस ऋण का भुगतान उसी को करना होगा। उन्होंने वसूली प्रकरणों में विशेष रूप से महिलाओं और बिहान समूह की सदस्याओं के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए पर्याप्त समय देने के निर्देश भी दिए।
पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने कहा कि सभी बैंक और माइक्रो फाइनेंस कंपनियां ऋण वसूली के मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी करें तथा पूरी प्रक्रिया शालीनता और कानून के दायरे में रहकर पूरी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राहकों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या दबावपूर्ण रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में सभी एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस प्रतिनिधि राजीव शर्मा (सेवानिवृत्त एएसपी), लीड बैंक (एसबीआई) प्रबंधक सी.एस. राजपूत, सीएमओ, सारंगढ़ सिटी कोतवाली थाना प्रभारी, श्रम एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी तथा जिले के विभिन्न बैंकों एवं माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





