सारंगढ़। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय सारंगढ़ ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। किडनी रोगियों के लिए जीवनदायिनी बनी ‘जीवनधारा नि:शुल्क डायलिसिस सेवा’ के तहत अस्पताल में 2000 से अधिक सफल डायलिसिस सत्र पूरे हो चुके हैं। यह उपलब्धि जिले में बेहतर होती स्वास्थ्य सुविधाओं और मरीजों के प्रति संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमाण है।
इस सफलता के पीछे जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के कुशल मार्गदर्शन के साथ सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल का प्रभावी प्रबंधन विशेष रूप से उल्लेखनीय है। डॉ. जायसवाल ने डायलिसिस सेवा के संचालन में अनुशासन, सतत निगरानी, बेहतर समन्वय और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देकर व्यवस्था को मजबूती दी है। उनके नेतृत्व में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पूरी सेवा भावना के साथ मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध करा रही है।
डायलिसिस सेवा की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब जिले के किडनी रोगियों को नियमित डायलिसिस के लिए रायपुर, बिलासपुर या अन्य बड़े शहरों का रुख करने की मजबूरी काफी हद तक कम हुई है। नि:शुल्क सुविधा मिलने से मरीजों और उनके परिजनों के इलाज पर होने वाले खर्च, समय और यात्रा की परेशानी में भी बड़ी राहत मिली है।
डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में डायलिसिस यूनिट में मरीजों की स्थिति की निरंतर निगरानी, संक्रमण नियंत्रण के कड़े प्रबंध और समयबद्ध तरीके से सत्रों का संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार और उन्हें मानसिक संबल देने पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। यही टीमवर्क इस सेवा को लगातार सफल बना रहा है।
डॉ. जायसवाल ने कहा कि 2000 से अधिक डायलिसिस सत्र केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उन सैकड़ों परिवारों की उम्मीद और राहत का प्रतीक हैं, जिन्हें जिला चिकित्सालय में समय पर उपचार मिल रहा है। उन्होंने पूरी टीम के समर्पित प्रयासों को इस उपलब्धि का आधार बताते हुए भविष्य में भी इसी सेवा भावना के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने इस उपलब्धि पर मेडिकल टीम को बधाई दी है। जिला चिकित्सालय की यह सफलता बताती है कि मजबूत नेतृत्व, प्रभावी प्रबंधन और टीमवर्क के जरिए जिला स्तर पर भी मरीजों को ऐसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, जिनके लिए पहले उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। डॉ. दीपक जायसवाल की कार्यकुशलता और समर्पित प्रबंधन इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आया है।

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