सारंगढ़। कलेक्टर एवं जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की अध्यक्ष पद्मिनी भोई साहू ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के मिशन वात्सल्य तथा जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की समीक्षा बैठक लेकर बाल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं, किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जरूरतमंद और संकटग्रस्त बच्चों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर ने कहा कि किसी भी जरूरतमंद अथवा संकटग्रस्त बच्चे की सहायता के लिए नागरिक तत्काल 1098 पर कॉल करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हेल्पलाइन की जानकारी जिले के हर गांव और शहरी क्षेत्र तक पहुंचाई जाए, ताकि समय पर बच्चों को सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में वर्तमान में 23 प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं। इस पर कलेक्टर ने सभी मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई के रिक्त पदों पर भर्ती, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत संचालित संस्थानों के नियमित निरीक्षण तथा उनके प्रभावी संचालन पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बाल विवाह रोकथाम की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 3 बाल विवाह की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जिले में एक भी बाल विवाह नहीं होना चाहिए।” उन्होंने जागरूकता अभियान चलाने, ग्राम स्तर पर निगरानी बढ़ाने तथा सभी संबंधित विभागों के समन्वय से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में डिप्टी कलेक्टर ऋचा सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय, जिला कार्यक्रम अधिकारी उत्तम प्रसाद, नगर पालिका सीएमओ ज्ञान पुंज कुलमित्र, समाज कल्याण विभाग के विनय तिवारी, श्रम विभाग के अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जिला बाल संरक्षण समिति के सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





