सारंगढ़। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ के निर्देशानुसार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाएं इस वर्ष बड़े पैमाने पर 12 हजार 300 बीज राखियों का निर्माण कर रही हैं। इस अनूठी पहल का उद्देश्य रक्षाबंधन के पावन पर्व को पर्यावरण संरक्षण और हरियाली से जोड़ना है।
इस वर्ष तैयार की जा रही राखियों का मुख्य थीम “बीज राखी” रखा गया है। आकर्षक फैंसी डिजाइनों के साथ तैयार इन राखियों के बीच में विभिन्न पौधों के बीज लगाए गए हैं। रक्षाबंधन के बाद इन्हें मिट्टी में रोपित करने पर पौधे विकसित होंगे, जिससे हरियाली बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
जिले के विभिन्न ग्रामों में राखी निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। इनमें सालर और गोड़म में 2-2 हजार, छिंद एवं पेंड्रावन में 1500-1500, कोसीर, पवनी और बुंदेली में 1000-1000, बोन्दा में 500 तथा लैन्धा में 300 बीज राखियों का निर्माण किया जा रहा है।
बिहान से जुड़ी महिलाओं की यह अभिनव पहल उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर प्रकृति संरक्षण का संदेश देने वाली इस पहल की जिलेभर में सराहना की जा रही है।





