सारंगढ़। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ एवं छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन के संयुक्त आह्वान पर कर्मचारियों और पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत तथा कसडोल विधायक संदीप साहू को सौंपते हुए मांगों के शीघ्र निराकरण का आग्रह किया गया।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मोदी की गारंटी के तहत लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) एवं महंगाई राहत (डीआर) का शीघ्र भुगतान आदेश जारी करने की मांग की गई। साथ ही बताया गया कि बजट सत्र में कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा तो की गई थी, लेकिन अब तक इसकी स्पष्ट जानकारी और क्रियान्वयन नहीं हो सका है। कर्मचारियों ने इसे तत्काल लागू करने की मांग उठाई।
संगठनों ने सेवा निवृत्ति पर 300 दिनों के अर्जित अवकाश के नकदीकरण का भुगतान, अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत की सीलिंग समाप्त करने, पेंशनरों को मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में शामिल करने, 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने, महंगाई राहत के भुगतान के लिए मध्यप्रदेश शासन से सहमति लेने की परंपरा समाप्त करने, पेंशन कल्याण मंडल का पुनर्गठन करने तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप छठवें एवं सातवें वेतनमान के एरियर का भुगतान किए जाने जैसी प्रमुख मांगें भी रखीं।
कार्यक्रम का नेतृत्व छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष मनोज दुबे एवं छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, जिला शाखा बलौदा बाजार-भाटापारा के जिला अध्यक्ष पी.के. हिरवानी ने किया। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं पेंशनर उपस्थित रहे।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद जनप्रतिनिधियों ने कर्मचारियों एवं पेंशनरों को आश्वस्त किया कि वे उनकी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को अपनी अनुशंसा भेजेंगे तथा इन महत्वपूर्ण मुद्दों को शासन स्तर पर गंभीरता से उठाकर समाधान का प्रयास करेंगे।



