सारंगढ़। शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना ने पूरे पत्रकार जगत में आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। शनिवार देर रात आदर्श पेट्रोल पंप के पास कुछ बदमाशों ने पत्रकार रवि तिवारी पर जानलेवा हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि पत्रकार का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने एक ट्रक चालक की पिटाई होते देख इंसानियत का परिचय देते हुए बीच-बचाव करने की कोशिश की। लेकिन यही कोशिश उनके लिए जानलेवा साबित हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात आदर्श पेट्रोल पंप के समीप कुछ असामाजिक तत्व एक ट्रक चालक के साथ बेरहमी से मारपीट कर रहे थे। उसी समय वहां से गुजर रहे पत्रकार रवि तिवारी और उनके साथी किशन गुप्ता ने विवाद शांत कराने का प्रयास किया। आरोप है कि इससे बौखलाए मुख्य आरोपी सोनू यादव, हनी चिट्ठा और उनके साथियों ने पहले गाली-गलौज शुरू की, फिर फोन कर अपने अन्य साथियों को हथियारों के साथ मौके पर बुला लिया।
कुछ ही देर में पूरा घटनास्थल रणक्षेत्र में बदल गया। आरोपियों ने पत्रकार और उनके साथी पर चाकू, लकड़ी के बत्ते और बेल्ट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले के दौरान रवि तिवारी की आंख पर धारदार हथियार से वार किया गया, जिससे उनकी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई और चिकित्सकों को पांच टांके लगाने पड़े। किशन गुप्ता को भी हाथ-पैर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
घायल पत्रकार रवि तिवारी का आरोप है कि हमलावर आदतन अपराधी प्रवृत्ति के हैं और खुलेआम हथियार लेकर घूमते हैं। घटना के दौरान वे लगातार अश्लील गालियां देते रहे और जान से मारने की धमकी देते हुए हमला करते रहे। इस घटना ने शहर में अपराधियों के बढ़ते हौसलों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद पीड़ित पत्रकार ने तत्काल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करते हुए मुख्य आरोपी सोनू यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इस हमले की खबर फैलते ही सारंगढ़ प्रेस क्लब सहित पूरे पत्रकार समाज में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। प्रेस क्लब की आपात बैठक बुलाकर घटना की कड़ी निंदा की गई और इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया गया। इसके बाद पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, जहां अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कठोर कानूनी कार्रवाई तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। वहीं शहर के पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि बीच सड़क पर पत्रकार तक सुरक्षित नहीं हैं।

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