रायगढ़, 5 जुलाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत थाना पूंजीपथरा पुलिस ने करीब 9 माह से लापता 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने बालिका को प्रेम और शादी का झांसा देकर भगाने तथा उसका शारीरिक शोषण करने के आरोप में राजेश कुमार बंजारे (30) निवासी ग्राम मनपसार, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, 28 सितंबर 2025 को बालिका के पिता ने थाना पूंजीपथरा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान लगातार पतासाजी की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 4 जुलाई 2026 को ग्राम मनपसार स्थित आरोपी के घर में दबिश देकर बालिका को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को हिरासत में लिया।
महिला पुलिस अधिकारी द्वारा दर्ज कराए गए कथन में बालिका ने बताया कि आरोपी से उसकी पहचान निर्माण कार्य के दौरान हुई थी। आरोपी ने प्रेम और शादी का झांसा देकर उसे सारंगढ़ बस स्टैंड बुलाया और अपने साथ ले जाकर उसका शारीरिक शोषण किया। इसके बाद मेडिकल एवं कथनों के आधार पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 87, 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 जोड़ी गई।
आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं बरामद नाबालिग को नियमानुसार उसके परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा, उप निरीक्षक संध्या रानी कोका, प्रशिक्षु उप निरीक्षक मनीष पोया सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि “अभियान संवेदना के तहत गुम बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”



