सारंगढ़। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के निर्देश पर जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती बैजयंती नंदू लहरे ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे विवादास्पद दौर बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहने का आह्वान किया।
बैजयंती नंदू लहरे ने कहा कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक लागू रहा आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा अध्याय रहा, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया गया, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया तथा बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक नेताओं और पत्रकारों को मीसा सहित विभिन्न कानूनों के तहत हिरासत में रखा गया।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के समय मौलिक अधिकारों, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक स्वतंत्रता पर गंभीर प्रहार हुआ। साथ ही प्रेस पर सेंसरशिप लगाकर जनभावनाओं और विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक था।
महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है, जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें। उन्होंने सभी से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, संविधान के प्रति सम्मान तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सशक्त बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।



