सारंगढ़। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सारंगढ़ विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल छिंद का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान स्कूल की स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब में कंप्यूटर धूल से भरे कपड़ों से ढके मिले तथा उनका उपयोग नहीं होने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताते हुए प्रभारी शिक्षक को फटकार लगाई।
कलेक्टर ने कहा कि 16 से 25 जून तक कंप्यूटर न तो साफ किए गए और न ही चालू किए गए। उन्होंने प्रभारी शिक्षक से कहा कि यदि चार स्कूलों का प्रभार संभाल रहे हैं तो सभी जगह व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्य में सुधार नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। लैब प्रभारी शिक्षक को भी आवश्यक निर्देश देते हुए उन्होंने नियमित रूप से कंप्यूटर कक्षाएं संचालित करने पर जोर दिया।
स्कूल में कंप्यूटर क्लास संचालित नहीं होने पर कलेक्टर ने प्राचार्य के प्रति भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ग्राम सरपंच को स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति और पढ़ाई की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों को स्वच्छता का संदेश देते हुए गीले और सूखे कचरे को घरों में अलग-अलग रखने तथा इसे परिवार की दैनिक आदत बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्रा पुष्पा साहू और छात्र शौर्य डहरिया ने गीला एवं सूखा कचरा प्रबंधन की जानकारी प्रस्तुत की, जिसकी कलेक्टर ने सराहना की।
इसके बाद कलेक्टर ने सभी विद्यार्थियों को एक साथ संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के लिए नियमित और गंभीर अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल अधिक घंटे पढ़ना महत्वपूर्ण नहीं, बल्कि यह जरूरी है कि पढ़े गए विषय को अच्छी तरह समझा जाए। विद्यार्थियों को रोजाना समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित करने की भी सलाह दी, ताकि सामान्य ज्ञान और समसामयिक विषयों की जानकारी बढ़े।
इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ इंद्रजीत बर्मन ने विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि 11वीं और 12वीं की उम्र सीखने और भविष्य तय करने का महत्वपूर्ण समय है। जिन विद्यार्थियों की रुचि तकनीकी एवं रोजगारपरक शिक्षा में है, वे आईटीआई, मैकेनिक, तकनीकी ट्रेड और कौशल विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों का चयन करें, जिससे उन्हें भविष्य में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।



