सारंगढ़-बिलाईगढ़, 25 जून 2026। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत “स्वस्थ गांव, स्वच्छ गांव” अभियान को गति देने के लिए कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने ग्राम पंचायत छिंद का दौरा कर स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों, सचिवों और स्वच्छग्राही समूह की दीदियों को घर-घर कचरा संग्रहण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की विस्तृत जानकारी दी।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि जिस तरह पूरे जिले ने मिलकर गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाया, उसी तरह अब गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की आदत विकसित करनी होगी। उन्होंने बताया कि रसोई से निकलने वाले फल-सब्जियों के छिलके, बचा हुआ भोजन और अन्य जैविक कचरा गीले कचरे में आता है, जबकि प्लास्टिक, पॉलीथिन, कांच और अन्य सामग्री सूखे कचरे की श्रेणी में आती है।
अभियान के दौरान कलेक्टर स्वयं ग्रामीण लाभो निषाद, शांति निषाद और सावित्री सिदार के घर पहुंचीं और महिलाओं को गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक और पॉलीथिन को जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहद हानिकारक हैं। इसलिए प्लास्टिक कचरे का सुरक्षित संग्रहण और वैज्ञानिक निपटान जरूरी है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंद्रजीत बर्मन ने निर्देश दिए कि गांवों में कोटवार के माध्यम से नियमित मुनादी कराकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने सरपंचों, सचिवों और पंचायत अमले को घर-घर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि खुले में कचरा फेंकने वालों पर 50 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाए, ताकि स्वच्छता नियमों का प्रभावी पालन हो सके।
इस अवसर पर सरपंच नरेश रात्रे, स्वच्छता दीदियां, ग्रामीणजन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से जिले में स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देने और हर गांव को साफ-सुथरा एवं स्वस्थ बनाने का संदेश दिया गया।



