सारंगढ़। जिले में अपराधों की वैज्ञानिक विवेचना को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से फिंगरप्रिंट एवं चांस प्रिंट संबंधी एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती निमिषा पांडे एवं एसडीओपी सारंगढ़ श्रीमती स्नेहिल साहू के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के सभी थाना एवं चौकी के विवेचक तथा प्रशिक्षु उप निरीक्षकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का संचालन फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट डीएसपी श्रीमती विद्या जौहर ने किया। उन्होंने घटना स्थल से फिंगरप्रिंट एवं चांस प्रिंट को वैज्ञानिक तरीके से खोजने, सुरक्षित रखने, विकसित करने तथा न्यायालय में सशक्त साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों को घटनास्थल पर साक्ष्यों के संरक्षण और वैज्ञानिक जांच की बारीकियों से भी अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान Identification of Prisoners/Criminal Procedure (Identification) Act, 2022 के तहत फिंगरप्रिंट एवं अन्य जैविक नमूने लिए जाने संबंधी वैधानिक प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) के प्रभावी उपयोग और डिजिटल माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की त्वरित पहचान की प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया।
जिला पुलिस का उद्देश्य प्रत्येक आपराधिक विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना, अज्ञात आरोपियों की शीघ्र पहचान करना तथा न्यायालय में मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत करना है। इस प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों की तकनीकी दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे अपराधों की जांच अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ पुलिस आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक अनुसंधान पद्धतियों को अपनाकर अपराध नियंत्रण एवं न्याय प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

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