बरमकेला/सरिया। विद्युत वितरण केंद्र सरिया अंतर्गत सूरजगढ़–परसरामपुर बोरपंप फीडर की खराब लाइन सुधारने के दौरान गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। 11 केवी लाइन पर कार्य कर रहे बिजली ठेका कर्मी श्रवण यादव (25 वर्ष) की अचानक करंट प्रवाहित होने से खंभे पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सरकारी अस्पताल में करीब चार घंटे तक मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा चलता रहा। अंततः बिजली ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों द्वारा 3 लाख रुपये की तत्काल सहायता राशि देने पर सहमति बनने के बाद मामला शांत हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को विद्युत वितरण केंद्र सरिया के लाइनमैन चुडामणि गुप्ता से परमिट लेकर ठेकेदार सिद्धेश्वर राजपूत के अधीन कार्यरत ठेका कर्मी शशिभूषण सेठ, भरत यादव और श्रवण यादव सूरजगढ़–परसरामपुर बोरपंप फीडर की मरम्मत के लिए खेतों के बीच स्थित बिजली पोल पर पहुंचे थे। इसी दौरान ग्राम तोरेसिंहा निवासी श्रवण यादव 11 केवी लाइन के खंभे पर चढ़कर सुधार कार्य कर रहा था। सुबह लगभग 11:38 बजे अचानक लाइन में करंट आ जाने से वह तार से चिपक गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। शव को खंभे से नीचे उतारकर सरिया के सरकारी अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचते ही परिजनों ने 5 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान सरिया के जेई मदन नायक और बरमकेला के एई गजाधर सिदार परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे।
करीब चार घंटे बाद शाम लगभग 4:30 बजे तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू अस्पताल पहुंचे और परिजनों से चर्चा की। उन्होंने तत्काल 3 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने तथा शासन की नियमानुसार मिलने वाली अन्य सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए बरमकेला अस्पताल भेजा गया।
परिवार का इकलौता सहारा था श्रवण
मृतक श्रवण यादव अविवाहित था और अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। कुछ वर्ष पहले उसके पिता का निधन हो चुका है, जबकि बड़ा भाई गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के कारण कोई काम नहीं कर पाता। ऐसे में श्रवण की असामयिक मौत से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार की ओर से पर्याप्त सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे।
घटना के बाद ठेकेदार नहीं पहुंचा
हादसे के बाद सरिया अस्पताल और थाना परिसर में ग्रामीणों, परिजनों और बिजली कर्मचारियों की भीड़ जुटी रही। परिजनों का आरोप रहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद संबंधित बिजली ठेकेदार मौके पर नहीं पहुंचा। विभागीय अधिकारी मोबाइल फोन के माध्यम से ठेकेदार से संपर्क कर मुआवजे और सहायता राशि को लेकर चर्चा करते रहे।
तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू ने बताया, “मृतक के परिजनों को तत्काल 3 लाख रुपये की सहायता राशि दिलाई गई है। शासन के नियमानुसार मिलने वाले मुआवजे के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।”

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