सारंगढ़। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा विद्युत दरों में की गई बढ़ोतरी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। बिजली की नई दरों से आम जनता, किसानों एवं व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विद्युत मंडल कार्यालय के सामने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तथा कृषि विद्युत दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। इससे किसानों की खेती की लागत बढ़ेगी और मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों का मासिक बजट भी प्रभावित होगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद देवांगन, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण मालाकार, जिला पंचायत सदस्य बिनोद भारद्वाज, शुभम बाजपेयी, सूरज तिवारी, संजय दुबे, गोपाल बाघे, घनश्याम मनहर, उमेश केसरवानी, रविंद्र नंदे, अजय बंजारे, रामनाथ सिदार, सरिता गोपाल, मंजू आनंद, अभिषेक शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने किया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसके बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के बाद मालाकार टेंट हाउस के सामने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पुतला दहन किया गया। पुतला दहन को रोकने के लिए एसडीओपी ग्रेसी और थाना प्रभारी प्रमोद यादव के नेतृत्व में लगभग 60 से 65 पुलिस जवान तैनात रहे। पुतला जलाए जाने के तुरंत बाद पुलिस ने पानी से भरी जूट की बोरी डालकर आग बुझाई तथा स्थिति को नियंत्रित किया।
विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े ने कहा कि महंगाई के दौर में बिजली दरों में वृद्धि का निर्णय जनविरोधी और किसान विरोधी है। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद देवांगन ने मांग की कि बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेकर घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। उन्होंने राज्यपाल से इस संबंध में आवश्यक हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की।


