सारंगढ़। जिले के डोंगरीपाली क्षेत्र के सुदूर वनांचल ग्राम झाल में बुधवार को आयोजित सुशासन शिविर ग्रामीणों के लिए विकास और जनकल्याण का बड़ा मंच साबित हुआ। ओड़िशा सीमा से लगे ग्राम करपी, हट्टापाली, जोगनीपाली, तरेकेला, दुलोपाली, झिंकीपाली, डोंगरीपाली, घोघरा, खम्हरिया, झाल, जीरापाली, कोकबहाल, डूमरपाली, गौरडीह, बिर्नीपाली, पड़कीडीपा, परधियापाली, धौरादरहा और विष्णुपाली सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर में पहुंचे। जिला प्रशासन की टीम के पहुंचने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।
शिविर में जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का समाधान भी किया गया। पंचायत, कृषि, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, पशुधन, खनिज, मत्स्य, रेशम, उद्यानिकी, श्रम, समाज कल्याण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, जल संसाधन, वन, सहकारिता, पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, खाद्य, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, अंत्यावसायी तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित अनेक विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मंच से विभागीय योजनाओं और जनहितकारी कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।
शिविर में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय नायक, जिला पंचायत सदस्य सहोदरा सिदार एवं अभिलाषा नायक, बरमकेला जनपद पंचायत अध्यक्ष विद्या चौहान, गणमान्य नागरिक पुनीतराम चौहान, विलास सारथी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
इस दौरान विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग ने किसानों को बीज वितरित किए, मत्स्य विभाग ने आइस बॉक्स एवं मछली जाल प्रदान किए, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र सौंपे गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए, स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए तथा वन विभाग द्वारा पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
सुशासन शिविर के माध्यम से प्रशासन ने वनांचल और सीमावर्ती क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करते हुए ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास किया, जिसकी ग्रामीणों ने सराहना की।



