सारंगढ़। अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने में पुलिस की विवेचना (जांच) कितनी मायने रखती है, इसका सटीक उदाहरण एक बार फिर देखने को मिला है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया थाना क्षेत्र में हुए एक संवेदनशील पास्को एक्ट के मामले में माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश सारंगढ़ ने आरोपी राहुल साहू को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की कड़ी सजा सुनाई है। इस पूरे मामले में सबसे खास और सराहनीय भूमिका तत्कालीन सरिया थाना प्रभारी व वर्तमान सारंगढ़ कोतवाली प्रभारी (टीआई) प्रमोद यादव की रही, जिनकी सूझबूझ और मजबूत कड़ियों से बुनी गई विवेचना की बदौलत ही आरोपी को कानून के शिकंजे से बचने का कोई रास्ता नहीं मिला।

मामला सरिया थाना क्षेत्र के ग्राम जटियापाली का है, जहां आरोपी राहुल साहू ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा लिया था। परिजनों की शिकायत पर तत्कालीन थाना प्रभारी प्रमोद यादव ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिना वक्त गंवाए तत्काल प्राथमिकी दर्ज की। टीआई यादव के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित तकनीकी व व्यावहारिक पतासाजी करते हुए न केवल पीड़िता को सकुशल बरामद किया, बल्कि आरोपी को भी तत्काल गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा।
आमतौर पर ऐसे संवेदनशील मामलों में साक्ष्यों के अभाव का लाभ अपराधियों को मिल जाता है, लेकिन टीआई प्रमोद यादव ने ऑन-फील्ड जांच के दौरान वैज्ञानिक और चश्मदीद साक्ष्यों को इतनी बारीकी से केस डायरी में पिरोया कि माननीय न्यायालय के सामने आरोपी का दोष पूरी तरह सिद्ध हो गया।

इन धाराओं के तहत मिली कड़ी सजा-
मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश सारंगढ़ के द्वितीय न्यायाधीश ने त्वरित विचारण (फ़ास्ट ट्रैक सुनवाई) करते हुए सभी गवाहों और अकाट्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी राहुल साहू को विभिन्न धाराओं में दोषी पाया जिस कारण
भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2): 05 वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माना।भारतीय न्याय संहिता की धारा 87: 07 वर्ष का सश्रम कारावास व जुर्माना। एवं पॉक्सो एक्ट (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012) की धारा 4/1: 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सज़ा सुनाई गयी।
फैसला समाज में बाल सुरक्षा और कानून के प्रति विश्वास को और मजबूत करता है। सारंगढ़ जिला मुख्यालय के वर्तमान कोतवाली थाना प्रभारी प्रमोद यादव की इस ‘सिंघम स्टाइल’ और निष्पक्ष कार्यप्रणाली की आज पूरे जिले और पुलिस महकमे में जमकर तारीफ हो रही है। कानूनविदों और आम जनता का कहना है कि अगर हर विवेचना अधिकारी टीआई प्रमोद यादव जैसी मुस्तैदी और ईमानदारी दिखाए, तो अपराधियों के हौसले पस्त होने में वक्त नहीं लगेगा। इस ऐतिहासिक सफलता और न्याय दिलाने के इस जज्बे के लिए सजग अधिकारी प्रमोद यादव को क्षेत्र की जनता की ओर से बधाई और शुभकामनाएं मिल रही हैं।
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