सारंगढ़। ट्राइफेड छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित “जनजातीय गरिमा उत्सव” एवं जनजातीय कारीगर सूचीबद्ध मेला सारंगढ़ में उत्साह, गौरव और सांस्कृतिक रंगों के बीच भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस आयोजन में जनजातीय कलाकारों की अद्भुत कला, संस्कृति और पारंपरिक हस्तशिल्प ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में जनजातीय समाज की समृद्ध विरासत को मंच प्रदान करते हुए कलाकारों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय ने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित जनजातीय कलाकार हीराबाई को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi और मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में जनजातीय समाज के विकास, कलाकारों के सम्मान और उनकी कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाएं जनजातीय कलाकारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जिला कलेक्टर पद्मिनी साहू ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय कलाकारों की कला, मेहनत और रचनात्मकता अद्भुत है। ऐसे कलाकारों को विशेष मंच मिलना चाहिए, जहां उनके उत्पादों को उचित पहचान और बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्तुओं और स्थानीय उत्पादों की जमकर सराहना की। पूरे आयोजन में जनजातीय संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। पारंपरिक कला, लोक संस्कृति और कलाकारों का उत्साह कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बना रहा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, जिला कलेक्टर पद्मिनी साहू, जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत वर्मन, जिला अध्यक्ष ज्योति पटेल, महामंत्री अमित तिवारी, सांसद प्रतिनिधि अरुण “गुड्डू” यादव, भुवन मिश्रा, जीवन रात्रे, भरत जाटवर सहित बड़ी संख्या में जनजातीय कलाकार, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





