रिश्तों में फिर से भरोसे की रोशनी: सारंगढ़ में ‘एकत्व परिवार परामर्श केंद्र’ बना टूटते परिवारों की नई उम्मीद…
सारंगढ़। जिले में पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल करते हुए कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे द्वारा ‘एकत्व परिवार परामर्श केंद्र’ का गरिमामय वातावरण में शुभारंभ किया गया। एसडीओपी कार्यालय के समीप स्थापित इस केंद्र का उद्देश्य पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है।
उद्घाटन अवसर पर केंद्र को नवपदस्थ जवानों द्वारा दुल्हन की तरह आकर्षक रूप से सजाया गया था, जिसने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। इस मौके पर कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने कहा कि बदलते समय में संयुक्त परिवारों का विघटन और एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति ने रिश्तों में दूरियां पैदा कर दी हैं। पहले जहां बुजुर्ग घर के भीतर ही विवादों का समाधान कर लेते थे, वहीं आज ऐसे मामलों के लिए संगठित परामर्श केंद्र की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह केंद्र पंचायत के ‘पंच’ की भूमिका निभाते हुए बिखरते परिवारों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पुलिस अधीक्षक आंजनेय वैष्णव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कलेक्टर के प्रयासों से पुलिस विभाग को एक महत्वपूर्ण सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि अब तक परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से 28 परिवारों को टूटने से बचाया जा चुका है, जो आज सुख-शांति के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
एडिशनल एसपी निष्ठा पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करना ही रिश्तों को मजबूत बनाए रखने का मूल मंत्र है। उन्होंने नशाखोरी को पारिवारिक विघटन का प्रमुख कारण बताते हुए लोगों से अपील की कि वे समस्याओं को बढ़ाने के बजाय परामर्श केंद्र में आकर समाधान खोजें। उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता के अलगाव का बच्चों पर गहरा असर पड़ता है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है। इस संदर्भ में उन्होंने मन्नू भंडारी के साहित्य का उल्लेख करते हुए बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान पांच नए परामर्शदाताओं—श्रीमती मधु केजरीवाल, श्रीमती पूनम शर्मा, श्रीमती शीला अग्रवाल, श्रीमती आशा अग्रवाल एवं श्रीमती शशिकला अग्रवाल—को समिति में शामिल किया गया। वहीं अनुभवी परामर्शदाताओं में श्रीमती अनुपमा केसरवानी एवं श्रीमती ठाकुर अपनी सेवाएं देती रहेंगी।
कार्यक्रम के सफल संचालन में एसडीओपी स्नेहिल साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर यातायात प्रभारी जितेंद्र चंद्रा एवं कोतवाली प्रभारी हक साहब सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
विशेष बात यह रही कि कार्यक्रम के दौरान ही परामर्शदाता समिति ने एक परिवार के विवाद का सफल समाधान कर उन्हें पुनः एकजुट किया, जो इस केंद्र की उपयोगिता और प्रभावशीलता का जीवंत उदाहरण बन गया।
अब ‘एकत्व परिवार परामर्श केंद्र’ जिले में पारिवारिक समस्याओं के समाधान हेतु एक सशक्त मंच के रूप में कार्य करेगा, जहां गोपनीयता के साथ समस्याएं सुनी जाएंगी और अनुभवी मार्गदर्शन से रिश्तों में नई मजबूती लाई


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