वीकेंड की छुट्टियों में परिवार के साथ कुछ नया और स्वादिष्ट खाने का मन हो तो मिट्टी के मटके वाली दाल बेहतरीन ऑप्शन है। मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने की परंपरा भारत में हजारों साल पुरानी है।

आज भी गांवों में और शहरों के कई घरों में खास मौकों पर यह तरीका अपनाया जाता है। मिट्टी के मटके न सिर्फ नॉन-टॉक्सिक और पर्यावरण अनुकूल होते हैं, बल्कि इनमें भोजन धीमी आंच पर पकता है। इससे पोषक तत्व और विटामिन बरकरार रहते हैं। खाने में मिट्टी की हल्की खुशबू और स्मोकी फ्लेवर आता है जो सामान्य बर्तनों में नहीं मिलता।
मिट्टी के मटके में दाल के फायदे
पोषण सुरक्षित रहता है।
स्वाद ज्यादा गहरा और अनोखा लगता है।
प्लास्टिक या एल्युमिनियम की तुलना में सेहत के लिए बेहतर।
वीकेंड पर घर पर आसानी से बन जाती है।
मिट्टी के मटके में ऐसे बनाएं स्पेशल दाल
1 कप दाल (मसूर, तुअर या मूंग)
3 कप पानी
आधा चम्मच हल्दी पाउडर
नमक स्वादानुसार
1 छोटा टमाटर (कटा हुआ)
1 छोटा प्याज (बारीक कटा)
2-3 लहसुन की कलियां (कुटी हुई)
1 हरी मिर्च (बारीक कटी)
1 चम्मच घी
आधा चम्मच जीरा
1 चुटकी हींग
सजाने के लिए हरा धनिया
मटके में दाल बनाने की आसान तरीका
दाल को 30 मिनट से 1 घंटे पहले पानी में भिगो लें। इससे दाल जल्दी और अच्छे से पकती है।
मिट्टी के मटके को अच्छी तरह धोकर 10-15 मिनट पानी में भिगो दें। इससे मटका फटने का खतरा कम हो जाता है।
भिगोई हुई दाल मटके में डालें। पानी और हल्दी मिलाकर ढक्कन लगाएं। धीमी आंच पर 25-40 मिनट पकाएं। बीच-बीच में हल्का चलाते रहें।
अलग पैन में घी गर्म करें। जीरा और हींग डालें। फिर प्याज और लहसुन को सुनहरा होने तक भूनें। हरी मिर्च और टमाटर डालकर 2-3 मिनट और भून लें।
तैयार तड़का उबलती दाल में डालें और 5 मिनट धीमी आंच पर पकाएं।
बस तैयार है आपकी दाल। ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया छिड़क दें। इसे गर्म गर्म रोटी या चावल के साथ परोसें। यह रेसिपी न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि भारतीय संस्कृति से जुड़ी हुई है। तो इस वीकेंड पर आप इसे ट्राई कर सकते हैं।
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