छत्तीसगढ़:11 माह में सख्त इंसाफ: नाबालिग से दुष्कर्म कर वीडियो बनाने वाले दरिंदों को 10-10 साल की सजा…
पेंड्रा रोड स्थित विशेष अपर सत्र न्यायालय ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म और उसका वीडियो बनाने जैसे जघन्य अपराध में बड़ा और सख्त फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को कड़ी सजा दी है। अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया कि समाज में ऐसे अपराधों के लिए कोई जगह नहीं है और दोषियों को कठोर दंड मिलना ही चाहिए।
अदालत का सख्त रुख
न्यायालय ने दोनों आरोपियों को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही, जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त तीन माह के कारावास का प्रावधान भी रखा गया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे अपराधों पर सख्ती ही समाज को सही दिशा देने का माध्यम है।
घटना का पूरा घटनाक्रम
मामले के अनुसार, 21 अप्रैल 2025 की रात करीब 8 बजे पीड़ित बालक अपने मित्र के घर जा रहा था। इसी दौरान दो आरोपियों ने उसे रास्ते में रोका और जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर गौरेला क्षेत्र के एक सुनसान जंगल में ले गए। वहां उन्होंने उसके साथ दुष्कर्म किया और मोबाइल से वीडियो भी बनाया।
धमकियों के बावजूद पीड़ित ने दिखाई हिम्मत
घटना के बाद आरोपियों ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी और मारपीट भी की, ताकि मामला सामने न आए। लेकिन पीड़ित ने साहस दिखाते हुए गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया।
11 महीनों में मिला न्याय
इस संवेदनशील मामले में अदालत ने महज 11 महीनों के भीतर फैसला सुनाकर त्वरित न्याय का उदाहरण पेश किया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अन्य धाराओं में दी गई सजाएं मुख्य सजा के साथ-साथ चलेंगी।
समाज के लिए कड़ा संदेश
अदालत के इस फैसले को नाबालिगों के खिलाफ अपराधों पर सख्त रुख और न्याय व्यवस्था की सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। यह निर्णय स्पष्ट करता है कि कानून ऐसे अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शने वाला नहीं है।
