महिलाओं के लिए ज्यादा खतरनाक बन रहा है तंबाकू! फेफड़ों के साथ दिल पर भी पड़ रहा असर…
लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि धूम्रपान का फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है लेकिन हालिया चिकित्सा रिसर्च ने एक डरावनी तस्वीर पेश की है। विशेषज्ञों के अनुसार सिगरेट का हर कश पुरुषों से ज्यादा महिलाओं के दिल को छलनी कर रहा है।
नो स्मोकिंग डे (No Smoking Day) पर कार्डियोलॉजिस्ट्स ने आगाह किया है कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले तंबाकू के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं जिसके कारण उनमें कोरोनरी हार्ट डिजीज (CHD) का खतरा 25% तक ज्यादा बढ़ जाता है।
महिलाओं के लिए क्यों खतरनाक है तंबाकू?
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं और पुरुषों की शारीरिक संरचना में अंतर इस बढ़ते जोखिम का मुख्य कारण है। महिलाओं की रक्त वाहिकाएं पुरुषों की तुलना में छोटी और अधिक नाजुक होती हैं। तंबाकू में मौजूद निकोटीन और कार्बन मोनोऑक्साइड इन धमनियों को तेजी से सिकोड़ देते हैं जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हृदय पर दबाव बढ़ जाता है।
हार्मोनल संतुलन पर प्रहार
महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन प्राकृतिक रूप से उनके दिल की सुरक्षा करता है। धूम्रपान इस सुरक्षा कवच को नष्ट कर देता है। सिगरेट पीने से शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम हो जाता है जिससे महिलाएं समय से पहले मेनोपॉज की ओर बढ़ सकती हैं। एस्ट्रोजन की कमी सीधे तौर पर धमनियों में प्लाक जमने की प्रक्रिया को तेज कर देती है जो बाद में हार्ट अटैक का कारण बनता है।
गर्भनिरोधक गोलियां और स्मोकिंग
डॉक्टर्स ने एक विशेष खतरे की ओर संकेत किया है। जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं और साथ ही स्मोकिंग भी करती हैं उनमें ब्लड क्लॉट (खून के थक्के) जमने और स्ट्रोक आने का खतरा सामान्य से कई गुना अधिक बढ़ जाता है। यह संयोजन महिलाओं के कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम के लिए किसी टाइम बम से कम नहीं है।
क्या पैसिव स्मोकिंग भी है जिम्मेदार?
सिर्फ खुद सिगरेट पीना ही नहीं बल्कि दूसरों के धुएं के संपर्क में रहना भी महिलाओं के लिए उतना ही खतरनाक है। घर या कार्यस्थल पर सेकंड-हैंड स्मोक के संपर्क में रहने वाली महिलाओं में भी हृदय रोगों की दर बढ़ी हुई देखी गई है।
छोड़ने के तुरंत बाद मिलते हैं फायदे
विशेषज्ञों का कहना है कि स्मोकिंग छोड़ने के लिए कभी भी बहुत देर नहीं होती। सिगरेट छोड़ने के मात्र 24 घंटों के भीतर हार्ट अटैक का जोखिम कम होना शुरू हो जाता है। एक साल के भीतर, हृदय रोग का बढ़ा हुआ जोखिम आधा रह जाता है।
डिजिटल युग में बढ़ता तनाव और बदलती लाइफस्टाइल महिलाओं को धूम्रपान की ओर धकेल रही है लेकिन 25% अधिक जोखिम का यह आंकड़ा किसी भी महिला के लिए एक वेक-अप कॉल होना चाहिए।
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