छत्तीसगढ़:सरकारी दफ्तर में दबंगई! फाइलों की चोरी-छिपे फोटो खींचने पर भिड़े पक्षकार और बाबू, SDM कोर्ट में सुरक्षा की मांग को लेकर काम बंद…
बिलासपुर। एसडीएम न्यायालय में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक पक्षकार ने गोपनीय दस्तावेजों की चोरी-छिपे फोटोग्राफी शुरू कर दी। बाबू विनय विश्वकर्मा द्वारा विरोध किए जाने पर पक्षकार प्रफुल्ल झा ने न केवल विवाद किया, बल्कि बीच-बचाव करने पहुंचे एसडीएम मनीष साहू के साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
इस घटना से आक्रोशित होकर तहसील के सभी कर्मचारी सामूहिक छुट्टी पर चले गए हैं, जिससे कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।
विवाद का घटनाक्रम और पुलिस शिकायत
शुक्रवार सुबह लगभग 10.30 बजे हंगामा उस समय शुरू हुआ, जब एसडीएम कार्यालय में पक्षकार प्रफुल्ल झा बिना किसी अनुमति के न्यायालय के दस्तावेजों को देख रहा था और मोबाइल से उनकी फोटोग्राफी कर रहा था।
जब ड्यूटी पर तैनात बाबू विनय विश्वकर्मा ने नियम और सुरक्षा का हवाला देते हुए उसे रोका, तो प्रफुल्ल झा बहस पर उतारू हो गया। विवाद बढ़ता देख एसडीएम मनीष साहू स्वयं कोर्ट रूम पहुंचे, लेकिन आरोप है कि पक्षकार ने उनके पद की गरिमा का ख्याल न रखते हुए उनके साथ भी बदतमीजी की। घटना के बाद बाबू विनय विश्वकर्मा ने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
कर्मचारियों में असुरक्षा और सामूहिक अवकाश
तहसील कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार असुरक्षित माहौल में काम कर रहे हैं। हाल ही में रायपुर तहसील में भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जिसके बाद अब बिलासपुर के कर्मचारी अपनी सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित हैं।
विरोध स्वरूप सभी बाबू और कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर कार्यालय से बाहर चले गए। कर्मचारियों ने दोटूक कहा है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, असुरक्षित माहौल में काम करना काफी मुश्किल होता जा रहा है।
दस्तावेजों की गोपनीयता पर खतरा और रायपुर का खौफ
एसडीएम कोर्ट के दस्तावेज बेहद संवेदनशील और गोपनीय होते हैं। बिना अनुमति इनकी फोटोग्राफी करना न केवल नियम विरुद्ध है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप भी है।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि बाहरी व्यक्ति फाइलों के साथ छेड़छाड़ करेंगे, तो रिकॉर्ड की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी, इसी मुद्दे को लेकर बाबू संघ ने प्रशासन के सामने कड़ा ऐतराज जताया है।
बिलासपुर तहसील के कर्मचारियों ने रायपुर तहसील की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी दफ्तर अब विवादों का अड्डा बनते जा रहे हैं।
कर्मचारियों ने मांग की है कि तहसील परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं, जिससे सुरक्षित माहौल में वे बिना किसी मानसिक दबाव के जनता के काम कर सकें।
अधिकारियों का पक्ष
एसडीएम बिलासपुर मनीष साहू के अनुसार, बिना अनुमति फाइल की फोटोग्राफी एक व्यक्ति के द्वारा की जा रही थी। बाबुओं से उसका गोपनीयता को लेकर विवाद हुआ।
समझाइश देने पर वह अभद्र व्यवहार कर रहा था। पक्षकार को समझाया गया कि बाबू अपने स्तर पर टाइपिंग करते हैं, बाद में उसे सुधार किया जाता है। दस्तावेज की फोटो बाबू की अनुमति से खींचनी चाहिए।
इस विवाद का काम बंद करने से कोई संबंध नहीं है। रायपुर में हुई घटना के विरोध में काम बंद हुआ है।” वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू ने बताया कि एसडीएम कार्यालय से एक शिकायत प्राप्त हुई है, मामले में जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
