सारंगढ़-बिलाईगढ़:
देश आजादी का अमृत महोत्सव मनाकर 8वें दशक में प्रवेश कर चुका है, लेकिन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड का एक गांव आज भी ‘आदिम युग’ जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। ग्राम पंचायत गौरडीह के आश्रित ग्राम रंगाडीह की 3.5 किलोमीटर की पहुंच मार्ग आज भी कच्ची है, जो शासन-प्रशासन के विकास के दावों की पोल खोल रही है।

25 साल पहले बनी थी कच्ची सड़क, अब तक नहीं पड़ा डामर-
हैरानी की बात यह है कि बरमकेला-सोहेला मुख्य मार्ग से गौरडीह तक तो डामरीकृत सड़क है, लेकिन वहां से रंगाडीह जाने वाली 3.5 किमी की सड़क का निर्माण 25 साल पहले हुआ था। तब से लेकर आज तक इस मार्ग पर डामर की एक बूंद भी नहीं नसीब हुई है।
ग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए भी इसी धूल भरी और उबड़-खाबड़ सड़क पर निर्भर हैं।
सिर्फ रद्दी की टोकरी में गए आवेदन-
ग्राम पंचायत गौरडीह के उप सरपंच संजय कुमार चौधरी का कहना है कि नवीन डामरीकरण के लिए सांसद, मंत्री और विधायकों को कई बार ज्ञापन सौंपा जा चुका है। “ग्राम स्वराज अभियान”, “लोक सुराज” से लेकर “सुशासन तिहार” जैसे बड़े आयोजनों में भी मांग रखी गई, लेकिन ग्रामीणों के आवेदनों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। हाल ही में सांसद राधेशयम राठिया और जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जवाहर नायक को भी मांग पत्र सौंपा गया है, लेकिन धरातल पर अब तक कुछ नहीं बदला।
प्रशासन और जन-प्रतिनिधियों से ‘कड़वे सवाल’-
क्या रंगाडीह के ग्रामीण भारत के नागरिक नहीं हैं? अगर हैं, तो उन्हें 79 वर्षों के बाद भी एक पक्की सड़क के लिए क्यों तड़पना पड़ रहा है?
फाइलें कहाँ दफन हैं? जब उप-सरपंच और ग्रामीण बार-बार मंत्रियों और सांसदों को ज्ञापन दे रहे हैं, तो वे आवेदन विभाग की फाइलों में गुम क्यों हो जाते हैं?
नेताओं की इच्छाशक्ति पर सवाल- क्या विकास की गंगा सिर्फ उन क्षेत्रों में बहती है जहाँ ‘वोट बैंक’ मजबूत हो? क्या पिछड़े इलाके का दंश झेलना रंगाडीह की नियति बन चुकी है?
सिस्टम का मजाक-
2021 में महिलाओं के विरोध के बाद केवल 1 लाख की ‘मामूली मरम्मत’ कर पल्ला झाड़ लेना क्या ग्रामीणों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा नहीं है?
रंगाडीह के ग्रामीण आज भी धूल भरी कच्ची सड़क पर चलकर अपनी किस्मत को कोस रहे हैं। यदि जल्द ही इस सड़क का डामरीकरण नहीं हुआ, तो आने वाले समय में ग्रामीणों का आक्रोश प्रशासन के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है।
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