शिक्षा के साथ संस्कारों की जुगलबंदी: शिक्षिका प्रियंका गोस्वामी ने जगाई सांस्कृतिक अलख…
सारंगढ़। शासकीय प्राथमिक शाला दहिदा में पदस्थ और राज्य शिक्षक सम्मान से विभूषित शिक्षिका प्रियंका गोस्वामी अपने अनूठे नवाचारों के जरिए शिक्षा जगत में एक नई मिसाल पेश कर रही हैं। केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सांस्कृतिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों को विकसित करने के उनके प्रयासों ने स्कूल की तस्वीर बदल दी है।
विकसित हो रहा व्यक्तित्व-
श्रीमती गोस्वामी ने अपनी कक्षा के लिए विशेष सांस्कृतिक लक्ष्य निर्धारित किए हैं। वे सुनिश्चित करती हैं कि कक्षा में हर पृष्ठभूमि का छात्र खुद को सुरक्षित महसूस करे और गतिविधियों में उसकी समान भागीदारी हो। उनके इस प्रयास से बच्चों में सामाजिक समझ, करुणा, प्रभावी संचार और सांस्कृतिक कौशल का तेजी से विकास हो रहा है। वे छात्रों को उनकी जड़ों और संस्कृति से जोड़कर उनमें सकारात्मक जुड़ाव पैदा कर रही हैं।
जिम्मेदार नागरिक बनाने की अनूठी पहल-
प्रियंका गोस्वामी का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल साक्षर करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार और समावेशी समाज का निर्माण करना है। वे छात्रों के भाषाई ज्ञान और उनके व्यक्तिगत अनुभवों को शिक्षण पद्धति का हिस्सा बनाती हैं, जिससे बच्चों को सीखने में सुगमता होती है। उनकी इस सोच ने न केवल छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि उन्हें एक संवेदनशील नागरिक बनने की दिशा में भी अग्रसर किया है।
उच्चाधिकारियों ने दी बधाई-
शिक्षा के क्षेत्र में उनकी इस दूरदर्शी सोच और निरंतर नवाचारों के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों ने उनकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जे.आर. डहरिया और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) आर.एल. कोशले ने प्रियंका गोस्वामी को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए हार्दिक बधाई प्रेषित की है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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