सारंगढ़/सरसींवा:
सरसींवा क्षेत्र में कॉलेज की स्थापना की दशकों पुरानी मांग अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। छात्रों के भविष्य और शिक्षा की सुलभता को लेकर NSUI जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित ‘छात्र अधिकार पदयात्रा’ ने क्षेत्र की राजनीति और प्रशासन में हलचल पैदा कर दी है।

भीषण गर्मी में भी नहीं डिगे कदम
यह पदयात्रा सरसींवा से प्रारंभ होकर लगभग 16 किलोमीटर का सफर तय कर सारंगढ़ पहुंची। इस यात्रा की सबसे खास बात बिलाईगढ़ विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरें की सक्रिय भागीदारी रही। भीषण गर्मी के बावजूद विधायक ने पूरे रास्ते छात्रों के साथ पैदल चलकर यह संदेश दिया कि वे क्षेत्र की शैक्षणिक समस्याओं को लेकर कितनी गंभीर हैं। उनके साथ युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष शुभम बाजपेयी और सैकड़ों की संख्या में युवा व आम नागरिक शामिल हुए।
दूरी और मजबूरी: छात्रों का दर्द
वर्तमान में सरसींवा के छात्र उच्च शिक्षा के लिए बिलाईगढ़, रायगढ़, सराईपाली और भटगांव जैसे शहरों पर निर्भर हैं।
आर्थिक मार: गरीब और आदिवासी परिवारों के लिए दूसरे शहरों में रहकर पढ़ाना आर्थिक रूप से कठिन है।
सुरक्षा की चिंता: दूर दराज के क्षेत्रों में जाने के कारण छात्राओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनी रहती है।
संसाधनों का अभाव: स्थानीय स्तर पर कॉलेज न होने से कई छात्र बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।
विधायक का संकल्प: “जब तक कॉलेज नहीं, तब तक चैन नहीं”
गढ़ चौक सारंगढ़ में पदयात्रा के समापन पर छात्रों को संबोधित करते हुए विधायक कविता प्राण लहरें ने कहा, “सरसींवा में कॉलेज की स्थापना सिर्फ एक भवन की मांग नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। मैं इस मांग को विधानसभा से लेकर उच्च शिक्षा विभाग तक पूरी मजबूती से उठाऊंगी।”
शिक्षा के लिए एकजुट हुआ कांग्रेस परिवार
पदयात्रा के समापन पर NSUI, युवा कांग्रेस और कांग्रेस परिवार के वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं है। यदि जल्द ही कॉलेज की मांग पूरी नहीं हुई, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
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