सारंगढ़ की माटी का लाल बना देश की शान: आईपीएस आकाश मगरिया बने हावड़ा के पुलिस कमिश्नर…
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए यह क्षण अत्यंत गर्व और सम्मान का है। जिले की माटी में जन्मे, प्रारंभिक शिक्षा सारंगढ़ में प्राप्त करने वाले आईपीएस अधिकारी आकाश मगरिया को पश्चिम बंगाल के हावड़ा का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। 02 फरवरी को उन्होंने कमिश्नर पद का विधिवत पदभार ग्रहण किया। उनकी यह उपलब्धि न केवल परिवार, बल्कि पूरे सारंगढ़ नगर, जिले और प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
आकाश मगरिया का जन्म सारंगढ़ नगर के बड़े मठ पारा निवासी मोहन दत्त जी मगरिया (आयुर्वेद चिकित्सक) के यहां हुआ। प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, सारंगढ़ से प्राप्त कर उन्होंने बचपन से ही मेधावी छात्र के रूप में अपनी पहचान बनाई। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने आईपीएस सेवा में चयन प्राप्त किया।
आईपीएस बनने के बाद पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी में एएसपी के रूप में उनकी पहली महत्वपूर्ण पदस्थापना हुई। इसके पश्चात उन्होंने राज्य के कई प्रमुख जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में सफल कार्यकाल पूरा किया। कोलकाता सहित बड़े जिलों में उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, सख्त लेकिन संवेदनशील पुलिसिंग और जनविश्वास कायम करने वाली कार्यशैली के कारण उन्होंने अलग पहचान बनाई। आगे चलकर डीआईजी के रूप में भी उन्होंने कुशल नेतृत्व का परिचय देते हुए पूरे पश्चिम बंगाल में अपनी कार्यकुशलता की छाप छोड़ी।
उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और प्रभावी नेतृत्व का परिणाम रहा कि उन्हें हावड़ा जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण महानगरीय क्षेत्र का पुलिस कमिश्नर बनाया गया। यह पद जिम्मेदारी के साथ-साथ भरोसे का भी प्रतीक है, जिसे आकाश मगरिया ने अपने करियर में अर्जित किया है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर सारंगढ़ नगर और जिले में हर्ष का माहौल है। नगर के वरिष्ठ नागरिक व व्यवसायी कुमार बानी, नंद किशोर केजरीवाल, कृष्ण कुमार केसरवानी, अध्यक्ष केसरवानी समाज सारंगढ़ सहित अंकित केसरवानी, आशीष अग्रवाल, मोन्टी केजरीवाल, रामगोपाल साहू, कुलदीप पटेल, मनीष केजरीवाल, शशिकांत तिवारी, विजय तिवारी (जिलाध्यक्ष अधिवक्ता संघ), ओमकार बानी, नूतन थवाईत, राजेश यादव, वरिष्ठ पत्रकार भरत अग्रवाल जगन्नाथ बैरागी तथा समस्त नगरवासियों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
नगरवासियों का कहना है कि आईपीएस आकाश मगरिया की यह सफलता सारंगढ़ की माटी की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त करती है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है कि छोटे नगर से निकलकर भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है।
