कलेक्टर डॉ. कन्नौजे की अनूठी पहल: परधीयापाली के अमृत सरोवर में गूंजी विकास की गूँज..ग्रामीणों को मिला 125 दिन के रोजगार का भरोसा…
बरमकेला:
जिला प्रशासन और ग्रामीण विकास के बीच की दूरी को कम करने की दिशा में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के प्रयासों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। उनके कुशल मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत बर्मन के कुशल क्रियान्वयन के निर्देशानुसार, ब्लॉक बरमकेला की ग्राम पंचायत परधीयापाली में एक वृहद संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
डॉ. कन्नौजे की कार्यशैली की विशेषता रही है कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहकर योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी का परिणाम है कि आज ‘भालूपानी’ अमृत सरोवर के तट पर शासन की कल्याणकारी योजनाओं का महाकुंभ लगा।
प्रमुख उपलब्धियां और कलेक्टर का विजन-
सशक्त नेतृत्व से बदला परिदृश्य: कलेक्टर डॉ. कन्नौजे की विशेष रुचि के कारण जिले में रोजगार की गारंटी को प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में 125 दिन के कार्य की गारंटी के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी साबित होगी।
समावेशी विकास पर जोर:
कलेक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए कार्यक्रम में विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और कमजोर वर्ग के परिवारों को चिन्हित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प लिया गया।
महिला शक्ति को नई दिशा:
डॉ. कन्नौजे हमेशा महिला स्व-सहायता समूहों के सुदृढ़ीकरण की बात करते हैं। इसी कड़ी में समूहों को सक्रिय भूमिका निभाने और उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाने हेतु प्रेरित किया गया।
प्रचार-प्रसार का आधुनिक अंदाज-
कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर के निर्देशों के अनुरूप बैनर और पम्पलेट जैसे दृश्य माध्यमों का व्यापक उपयोग किया गया। इससे अनपढ़ और कम पढ़े-लिखे ग्रामीणों को भी योजनाएं समझने में आसानी हुई। भालूपानी सरोवर का शांत वातावरण आज ग्रामीणों के उत्साह और ‘VB G RAM’ योजना की चर्चा से सराबोर रहा।
ग्रामीणों ने जताया आभार-
संवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की इस पहल की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि जिले के मुखिया की सक्रियता के कारण ही आज उन्हें अपने घर के पास ही सम्मानजनक रोजगार और सरकारी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी मिल पा रही है।
”प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि गांव का हर व्यक्ति जागरूक हो और विकास की दौड़ में पीछे न रहे।” — कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे की कार्ययोजना का मूल मंत्र।
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