सरिया: छत्तीसगढ़ के सबसे लंबे पुल की हालत दयनीय, भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ गया एप्रोच रोड…
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया-पुसौर को जोड़ने वाली महानदी पर बना छत्तीसगढ़ के सबसे लंबे पुल का निर्माण गुणवत्ताहीन तरीके से हुआ है। पुराने पुल जहां 20 साल तक कोई मेंटेनेंस नहीं मांगते, सूरजगढ़ नदीगांव पुल की सतह उखड़ चुकी है। जगह जगह सरिए बाहर निकल चुके हैं। पुल का लोकार्पण 2012 में हुआ है, तब से एप्रोच रेड दो बार बन चुकी है, लेकिन हालात जस के तस हैं। छग में पुल हो या सडक, गुणवत्ता को लेकर कोई ध्यान नहीं देता। कार्य एजेंसियां भी ठेकेदार के हिसाब से काम करती हें। बिलो में ठेका लेने का सिस्टम सारे कामों की गुणवत्ता खराब कर रहा है। महानदी में पुसौर और सरिया को जोड़ने के लिए 1830 मीटर लंबा सेतु निर्माण किया गया। 2012 में इसका लोकार्पण किया गया था। पुल में करीब 40 स्पान बनाए गए। इसके अलावा एक ओर 2100 मीटर और दूसरी ओर 1420 मीटर का एप्रोच रोड भी बनाया गया। पुल की चोड़ाई 8.40 मीटर रखी गई।पुल निर्माण का ठेका बांका कंस्टक्शन को दिया गया था। करीब 57 करोड़ में पुल का निर्माण हुआ था। अब पुल की हालत खराब हो चुकी है। कई बार मरम्मत करने के बाद भी हालात पहले से ज्यादा खराब होते जा रहे हैं। पुल की सतह में कई गड्ढे हो चुके हें। कांक्रीट पूरी तरह उखड़ चुकी है। अंदर सरिया का जाल बाहर आ चुका है। कई जगह सरिया टूटकर रोड के ऊपर तक निकल आया है, जिससे कभी भी हादसा हो सकता हे।
6 करोड़ मे दिखावे लिए पुल की मरम्मत –
केवल दिखावे लिए पुल की मरम्मत की गई थी। कांक्रीट मिक्सचर बनाकर डाला गया था जो अब उखड़ चुका है। पहले से अधिक स्थानों में गड्ढे हो चुके हैं। निर्माण के पूर्व ट्रैफिक सर्वे के हिसाब से राशि आवंटित की गई थी। अब इस पुल में चंद्रपुर से डायवर्ट किए सभी भारी वाहन गुजर रहे हैं। वहीं दोनों ओर की एप्रोच रोड का निर्माण दो साल पहले ही हुआ है। एप्रोच रोड भी कई जगह धंस गई है। डामर भी उखड़ रहा है।
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