सारंगढ़-बिलाईगढ़, 11 जून 2026। खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त और निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने बरमकेला और सरिया क्षेत्र के विभिन्न उर्वरक प्रतिष्ठानों में छापामार निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही, खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा बिना वैध लाइसेंस के उर्वरक व्यापार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एसडीएम वर्षा बंसल के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई के दौरान बड़े नवापारा स्थित आयुष कृषि सेवा केंद्र में पीओएस मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि स्टॉक में यूरिया उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को खाद नहीं दिया जा रहा था। साथ ही मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की गई थी और आवश्यक अभिलेख भी संधारित नहीं किए जा रहे थे। इन गंभीर अनियमितताओं के चलते प्रतिष्ठान के लाइसेंस निलंबन की अनुशंसा करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इसी तरह बड़े नवापारा में थानसुन्दर गढ़तिया द्वारा लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी उर्वरक व्यापार किए जाने का मामला उजागर हुआ। स्टॉक में अंतर मिलने और नियमों के उल्लंघन पर संचालक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं लेखा कृषि सेवा केंद्र, झिकीपाली में भौतिक सत्यापन के दौरान अभिलेखों में दर्ज मात्रा की तुलना में अधिक उर्वरक स्टॉक पाया गया। मामले में पंचनामा तैयार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दूसरी ओर किसान कृषि सेवा केंद्र, सरिया एवं अन्नपूर्णा कृषि सेवा केंद्र, पंचधार में स्टॉक और पीओएस रिकॉर्ड सही पाए गए। अधिकारियों ने संचालकों को रिकॉर्ड संधारण एवं स्टॉक प्रबंधन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से खाद की कालाबाजारी करने वालों में हड़कंप मच गया है, जबकि किसानों ने प्रशासन की सख्ती का स्वागत किया है।


