झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साव को पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया गया। जानकारी के मुताबिक रांची पुलिस अमन साव को रायपुर जेल से झारखंड लेकर आ रही थी। इसी दौरान रामगढ़ के पास अमन गैंग के सदस्यों ने पुलिस काफिले पर बम से हमला कर दिया। हमले के दौरान अमन साव ने मौके का फायदा उठाकर पुलिस की इंसास राइफल लूट ली और भागने लगा। पुलिस ने तुरंत उसका पीछा किया लेकिन इस दौरान अमन के साथियों ने दोबारा पुलिस पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में अमन साव मारा गया।

अमन साव का आपराधिक इतिहास

अमन साव ने 12वीं पास करने के बाद डिप्लोमा की पढ़ाई की। इसके बाद उसने एक मोबाइल की दुकान खोली। इसी दौरान वह कुछ अपराधियों के संपर्क में आ गया और खुद का ही एक साम्राज्य खड़ा करने की होड़ में बढ़ने लगा। गैंगस्टर अमन साव के खिलाफ झारखंड सहित देशभर में 100 से अधिक मामले दर्ज थे। वह रांची के छोटे से गांव मतबे का रहने वाला था और उसका गिरोह झारखंड के कई जिलों में सक्रिय था। अमन साव का गिरोह रांची, रामगढ़, चतरा, धनबाद, हजारीबाग, पलामू, लातेहार और बोकारो में रंगदारी मांगने के लिए कुख्यात था। गिरोह कोल माइनिंग कंपनियों, कोयला व्यवसायियों, ट्रांसपोर्टरों, बिल्डरों, ठेकेदारों और कारोबारियों को धमकी देकर रंगदारी वसूलता था।
अगर रंगदारी नहीं मिलती थी तो गिरोह के गुर्गे उन कारोबारियों के दफ्तरों पर फायरिंग कर धमकाते या उन्हें गोली मार देते थे। पिछले 6 महीनों में रंगदारी मांगने और गोली चलाने के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हुए थे। अमन गिरोह के खौफ से कई कारोबारियों ने घर से बाहर निकलना तक कम कर दिया था। उन्हें लगातार इस बात का डर रहता था कि कहीं उन पर हमला न हो जाए।
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