लक्ष्मण सम नहीं दास कोई….कथावाचक पं नरेंद्र शुक्ला जी के श्री मुख से बिर्रा में बह रहा मानस गंगा…
जितेंद्र तिवारी
बिर्रा – यज्ञाचार्य पं. उमेश दुबे एवं जितेन्द्र तिवारी- बिर्रा भाटापारा निवासी मोहनलाल कश्यप जी परिवार द्वारा अपने ब्रह्मलीन गुरु पं.त्रियुगी कुमार दुबे जी की पावन स्मृति में आयोजित नवान्ह श्रीरामचरितमानस यज्ञ एवं कथा में युग तुलसी श्री राम किंकर जी के कुशल मार्गदर्शन में दीक्षा प्राप्त पर शिष्य कथावाचक श्रद्धेय पं.नरेन्द्र शुक्ला जी ने आज समापन दिवस लक्ष्मण चरित्र को पूर्ण व्याख्यान करते हुए कहा कि लक्ष्मण जैसा सेवक इस संसार में और कोई दूसरा नहीं है। जिन्होंने भाई के लिए भाई का कर्त्तव्य कैसे निभाई जाएं उन्होंने श्रीरामचरितमानस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उक्त बातें कथावाचक श्रद्धेय स्वामी नरेंद्र शुक्ला जी ने कथा समापन दिवस कहीं। उन्होंने आयोजक कश्यप परिवार सहित रामकथा प्रेमी व प्रबुद्ध भारती ग्राम से सेवानिवृत विकासखंड शिक्षा अधिकारी एम आर कुंभकार जी, संयोजक गरिजा कुमार दुबे, विशेष मार्गदर्शन में मनोज कुमार तिवारी जी,जी आर तिवारी,महाराम कश्यप,अभिराम कश्यप जी,एम एल साहू सरजी,दुकालूराम देवांगन जी, शत्रुघन कश्यप सहित समस्त ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर संगीत के सुभाष पाठक,प्रवीण कुमार तिवारी व आयोजक परिवार व रामायण प्रेमी,भक्तिमयी वात्सल्य माताएं उपस्थित रहे।



