छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे में गरज के साथ छीटें पड़ेंगे…

IMG-20220422-WA0007.jpg
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.26 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34

नई दिल्‍ली। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डीप डिप्रेशन 29 नवंबर को 2.30 बजे उसी क्षेत्र में चक्रवाती तूफान ‘फेंगल’ में तब्दील हो गया। इसकी वजह से कई राज्‍यों में अत्‍यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.24 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.28
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.30
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (3)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (1)

झारखंड में भी असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की दक्षिण-पश्चिमी खाड़ी पर डीप डिप्रेशन पिछले 6 घंटों के दौरान 13 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा। यह तीव्र होकर एक चक्रवाती तूफान ‘फेंगल’ में परिवर्तित हो गया। जिसके चलते छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटे में गरज के साथ छीटें पड़ सकते है और भारी बारिश की बौछार भी गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार कड़ाके की ठण्ड में तूफ़ान के चलते रूक-रूककर बारिश हो सकती है। अब कल भी प्रदेश में झमाझम बारिश होगी, इस दौरान वज्रपात भी आशंका है। प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा तथा एक-दो स्थानों पर अति भारी वर्षा होने की संभावना है। भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः दुर्ग संभाग रायपुर संभाग और बस्तर संभाग के जिले रहने की संभावना है। मानसून द्रोणिका जैसलमेर, कोटा, गुना, जबलपुर, पेंड्रा रोड, निम्न दाबका केंद्र, और उसके बाद दक्षिण- पूर्व की ओर उत्तर अंडमान सागर तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.25
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.25 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (3)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.32
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.29 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.27 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.30 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.33
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.31 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.26
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.34 (2)

एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर- पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी- तटीय उड़ीसा- तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवातीघेरा 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके और प्रबल होकर अवदाब के रूप में परिवर्तित होने की संभावना है तथा यह पश्चिम -उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उड़ीसा और छत्तीसगढ़ की ओर जाने की संभावना है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 30 नवंबर की दोपहर के दौरान 70 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती तूफान के रूप में पुडुचेरी के करीब कराईकल और महाबलीपुरम के बीच उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों को पार करने की संभावना है। तूफान की वजह से 30 नवंबर को तामिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश सहित अन्‍य प्रदेशों में अत्‍यधिक भारी बारिश होगी। तामिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक में 1 दिसंबर को अत्‍यधिक भारी बारिश होगी।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.35
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.38
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.38 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.37
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.38 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.37 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.37 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.40 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.39
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.39 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.40 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.36
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.39 (1)

झारखंड में तूफान का आंशिक असर देखने को मिलेगा। मौसम केंद्र के अनुसार 30 नवंबर और 1 दिसंबर को सुबह में हल्‍के से मध्‍यम दर्जे का कोहरा छाया रहेगा। इसके बाद आंशिक बादल छाए रहेंगे। मौसम शुष्‍क रहेगा। झारखंड में अगले 2 दिनों के दौरान न्‍यूनतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले 2 से 3 दिनों में इसमें 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी से उठा फेंगल तूफान तमिलनाडु से गुजर रहा है। शाम 7:30 बजे पुडुचेरी के कराईकल और तमिलनाडु के महाबलीपुरम के बीच समुद्र तट पर तूफान का लैंडफॉल हुआ। लैंडफॉल के दौरान 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है, जबकि कई इलाकों में तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान को यहां से गुजरने में 3-4 घंटे लगेंगे। तूफान के चलते तमिलनाडु और पुडुचेरी के कई इलाकों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया था। तूफान का असर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी दिख रहा है।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.40
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.45
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.43
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.44
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.42
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.44 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.42 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.44 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.46 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.42 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.41
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.43 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.41 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.43 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.45 (1)

चेन्नई में भारी बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया। शहर में कई फ्लाइट्स प्रभावित भी हुई हैं। कल सुबह (1 दिसंबर) 4 बजे तक एयरपोर्ट बंद कर दिया गया है। कई ट्रेनें भी तय समय से लेट चल रही हैं। तमिलनाडु के कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कुड्डालोर, विल्लुपुरम, कल्लाकुरिची, चेन्नई और मयिलादुथुराई जिलों और पुडुचेरी में आज स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए थे। इन जिलों में लोगों को भी घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए तमिलनाडु में NDRF की 7 टीमें तैनात की गई हैं। हर एक टीम में 30 जवान रखे गए हैं। इस तूफान का नाम ‘फेंगल’ सऊदी अरब की तरफ से प्रस्तावित किया गया है। यह एक अरबी शब्द है, जो भाषाई परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का मिश्रण है। यह शब्द वर्ल्ड मीटियोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग (UNESCAP) के नामकरण पैनल में क्षेत्रीय विविधता को दर्शाता है। चक्रवातों के नामों का चयन करते समय यह सुनिश्चित किया जाता है कि नामों का उच्चारण आसान हो, वे याद रखने में सरल हों, और सांस्कृतिक रूप से निष्पक्ष हों। यह ध्यान रखा जाता है कि नाम ऐसे हों जिनसे अलग-अलग क्षेत्रों और भाषाओं के बीच कोई विवाद पैदा न हो या किसी का अपमान न हो।

WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.49
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.51 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.46
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.48 (1)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.47 (2)
WhatsApp Image 2026-01-27 at 19.27.50