सारंगढ़। विद्युत की नौकरी दुनिया में शीर्ष दस सबसे खतरनाक नौकरियों में से एक माना जाता है। जे.ई. से लेकर लाइनमैन हर दिन काम के दौरान गिरने, बिजली के झटके, जलने और अन्य चोटों का जोखिम उठाते हैं। लाइनवर्क शारीरिक और मानसिक रूप से थका देने वाला होता है। मौसम की स्थिति या दिन या रात के समय की परवाह किए बिना काम पूरा करना ज़रूरी है। खंभों पर चढ़ना और बिजली बहाल करना कोई आसान काम नहीं है।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के विद्युत कर्मचारियों के जज्बों को हमारा सलाम, हम सलाम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि एक तो नौतपा का दिन भीषण भरी गर्मी, तपते हुए खंबे, और पिघलती हुई बिजली के वायर जिसमें पूरी दोपहरी काम करते हुए बिजली विभाग के कर्मचारी मानो ऐसा लगता है की ये शायद दूसरे गग्रह् के प्राणी हों, जिन्हे ना ठंड लगता है ना ही धुप! लेकिन जनता की सेवा और अपने कर्तव्य के प्रति जिम्मेदार ये सिपाही दिन रात पब्लिक सेवा में लगे रहते हैँ।

एक तरफ हम हैँ जो थोड़ा सा लाइट गोल होने से सैकड़ो लोगों के निरंतर फोन आना की कब आयेगी लाइट, कबकी गई है, कुछ काम नहीं करते हो और फ्री की तनख्वाह ले रहे हो ये सब सुनते हुए भी ना निराश ना हताश होते है, बल्कि इन सबके बीच 47 डिग्री तापमान में जलभुन कर शिद्दत से काम करते हुए देश का एक सिपाही जो जानता के दर्द पीड़ा को समझता को, और वो चाहता कि जितनी जल्दी विधुत अवरोध को ठीक करे ताकि जनसामान्य को उतनी जल्दी भीषण गर्मी से राहत मिलेगी बोलकर
काम करते हैँ। एक तो इस भरी दोपहरी में लोगों का घर से बाहर निकलना दुभर हो गया है, सब अपने घरों में कूलर, एसी में आराम फरमा रहे हैं। ऐसे में बिजली कर्मचारी जो अल्प वेतन पाने वाले ये संविदा कर्मचारी होते हुए भी बिना सुविधा के विद्युत व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए दिन रात काम कर मेहनत कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों के जज्बों को हम सलाम करते हैं। सारंगढ़ में पी एस मैत्री के साथ रुद्रपताप चौहान, भुवनेश्वर साहू, विनोद, मन्नू सहित सैकड़ों कर्मचारियों को सारंगढ़ की जनता की ओर से सलाम..

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