राजीव गांधी किसान न्याय योजना से रायगढ़ जिले के किसानों को अब तक मिल चुकी है 496 करोड़ रुपये की आदान सहायता…
जगन्नाथ बैरागी
रायगढ़, छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। यहां की 75 फीसदी से अधिक आबादी गांवों में निवास करती है। जो परोक्ष या अपरोक्ष रूप से कृषि कार्यों से जुड़ी हुई है। ऐसे में प्रदेश सरकार की नीतियों, योजनाओं का प्रमुख आधार इस ग्रामीण आबादी को स्थानीय स्तर पर कृषि के विकास हेतु बेहतर संभावनाएं उपलब्ध कराना है। जिसे शासन राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिये बखूबी पूरा कर रही है। योजना के माध्यम से किसानों को फसलों के लिए आदान सहायता दी जा रही है। धान की परंपरागत खेती के साथ दूसरी फसलों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है। जिससे फसल विविधीकरण के साथ फसल संतुलन को बढ़ावा मिले। इसके सकारात्मक परिणाम भी आज सामने हैं। किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है। रायगढ़ जिले में इस योजना से किसानों को बीते डेढ़ सालों में 496 करोड़ 88 लाख रुपये कृषि आदान सहायता के रूप में मिल चुके हैं। इस सहायता ने किसानों के चेहरे की चमक और खेती में उनके रुझान दोनों को बढ़ा दिया है। सरकार की यह योजना आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का सबसे प्रमुख आधार बन रही है।
रायगढ़ जिले के किसान इस योजना के लाभ को समझते हुये अपनी रूचि अनुसार धान के रकबे को कम करते हुए सुगंधित धान दलहन, तिलहन एवं वृक्षारोपण के रकबे में परिवर्तन कर रहे है। किसान इस योजना को लेकर बेहद उत्साहित है क्योंकि उनको फसल उत्पादन के अलावा प्रति एकड़ के मान से 9 हजार रुपये एवं 10 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। जिले में वृक्षारोपण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को डी.एम.एफ. के द्वारा पौधों का भी नि:शुल्क वितरण किया गया है, जिससे उनकों नि:शुल्क पौधे के साथ-साथ उत्पादन के अलावा प्रति एकड़ के मान से 10 हजार रुपये तीन वर्ष तक अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना से मिलने वाले लाभ से खुश होकर किसान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं।
रायगढ़ जिले में खरीफ वर्ष 2021 में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत धान के बदले दलहन-तिलहन, वृक्षारोपण एवं अन्य फसलों को बढ़ावा देने हेतु रकबा 39 हजार 937 हे. प्रस्तावित है जिसके विरूद्ध में सुगंधित धान, कोदो, कुटकी, रागी, मक्का, दलहन, तिलहन, वृक्षारोपण एवं अन्य फसल रकबा 39 हजार 439 हे. 98.75 प्रतिशत की पूर्ति कृषकों के सहमति से हुई है। जिले में खरीफ वर्ष 2021 में धान के बदले वृक्षारोपण करने हेतु रकबा 350.416 हे.प्रस्तावित है जिसके विरूध में वृक्षारोपण रकबा 333.539 हेक्टेयर कि पूर्ति वर्तमान में हुई है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत जिले में 2020-21 में धान के बदले दलहन-तिलहन एवं अन्य फसलों से किसानों को लाभान्वित किया गया था। जिसमें धान में 01 लाख 01 हजार 72 तथा दलहन-तिलहन में 01 हजार 471 कृषक लाभान्वित हुए। जिनमें प्रथम किश्त के रूप में 86 करोड़ 86 लाख 83 हजार रुपये एवं द्वितीय किश्त 86 करोड़ 90 लाख 88 हजार रुपये जारी किए जा चुके है।
- खबर का असर : मुड़पार छोटे चेक डैम धांधली की होगी उच्चस्तरीय जांच.. - March 17, 2026
- “सारंगढ़ में कुदरत का कहर” झमाझम बारिश के साथ गिरे ओले..मौसम हुआ सुहाना पर किसानों के माथे पर खिंची चिंता की लकीरें.. - March 17, 2026
- पीलिया अलर्ट के बीच प्रशासन सख्त: सारंगढ़ में गुमटी-ठेले और होटलों पर ताबड़तोड़ जांच… - March 17, 2026
