छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के दौरान उस समय सन्नाटा छा गया जब भाजपा विधायक ने तेस में आकर अपने पद से इस्तीफा देने की बात कह दी। धर्मजीत सिंह के इस्तीफे की बात कहने के बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ।
सदन में अवैध रेत उत्खनन के मामले को लेकर जमकर बहस छीड गई थी। मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने सामने आ गए थे।

जानकारी के अनुसार सदन में कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रदेश में अवैध उत्खनन का मुद्दा उठाया। विधायक अटल ने कहा की अवैध उत्खनन क्या है? अवैध परिवहन क्या है? गांवों में अवैध वसूली क्यों की जा रही है? वही वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन ने भ्रष्ठाचार को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने अवैध बिक्री और भ्रष्ठाचार को लेकर कहा की ऐसे मामलों की जांच होनी चाहिए। अधिकारियों के खिलाफ सरकार सख्त कदम उठाए।
विधायकों के सवालों का जबाव देते हुए साय सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हम अवैध और भ्रष्ठाचार मामलों पर कर्रवाई करेंगे। रेत की व्यवस्था में सुधार हो सरकार ऐसे मामलों पर विचार करके निर्णय लेगी।
धर्मजीत सिंह का इस्तीफ?
सदन में अवैध रेत उत्खनन के मामले में बीजेपी विधायक धर्मजीत सिंह ने बड़ी चुनौती देते हुए सदन को सन्न कर दिया। धर्मजीत सिंह ने अवैध उत्खनन को लेकर कहा कि नदी में अगर अभी 200 पोकलेन नहीं हो तो मैं विधानसभा से इस्तीफा दे दू्ंगा। उन्होंने कहा की पहले की सरकार ने रेत का बड़ा खेल खेला है। उन्होंने कहा की सरकार को 15 दिनों तक लगातार कार्रवाई करने की जरूरत है। ऐसे मामलों में जुर्माने लगाने से कुछ नहीं होगा। रेत माफियाओं की दादागिरी चल रही है। सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। धर्मजीत सिंह के इस्तीफे की बात पर सदन में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया था।

