आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत व उनके करीबी, रियल इस्टेट और बिल्डरों के यहां आयकर विभाग की कार्रवाई लगभग पूरी कर ली गई है।
पांचवें और अंतिम दिन अमरजीत भगत, हरपाल सिंह और चौहान ग्रुप के अजय चौहान पर जांच टीम का ध्यान केंद्रित रहा। कार्रवाई में अब तक ढाई करोड़ रुपये नकदी के साथ ढाई करोड़ रुपये की ज्वेलरी सीज की गई है।

सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के दौरान करोड़ों की प्रापर्टी के दस्तावेज हाथ लगे हैं। छापे की कार्रवाई में अमरजीत भगत के अंबिकापुर के एक करीबी और टिंबर कारोबारी के मकान को सील कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार आयकर अफसरों ने दो दिनों तक पूर्व मंत्री के करीबी के आने का इंतजार किया। उनके नहीं आने पर मकान को सील कर दिया गया। आइटी द्वारा किसी के मकान को सील करने का राज्य में यह पहला मामला बताया जा रहा है।
50 से ज्यादा बैंक खाते
पूर्व मंत्री, उनके स्वजन, करीबी लोगों और कारोबारियों द्वारा किए गए ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों से जानकारी मांगी गई है। बताया जाता है कि उनके और करीबियों की जानकारी रायपुर, दुर्ग, भिलाई, अंबिकापुर और रायगढ़ स्थित बैंकों से मांगी गई है। जांच के दौरान छापे की जद में आने वाले लोगों के 50 से ज्यादा बैंक खाते मिले हैं। इनमें से अधिकांश में बड़े ट्रांजेक्शन हुए हैं।
जमीन के दस्तावेज मिले
-छापामारी के दौरान पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उनके स्वजन और करीबी लोगों के साथ ही कारोबारियों के ठिकानों में करोड़ों रुपये के लेन-देन और जमीन के दस्तावेज मिले हैं। इन सभी को जांच के लिए जब्त किया गया है। वहीं इनके संबंध में पूछताछ कर सभी से बयान लिए गए हैं। बताया जाता है कि अधिकांश जमीन पिछले पांच साल में खरीदी गई है। इसमें कृषि भूमि, बेशकीमती प्लाट, फार्म हाउस और इसमें बनाए गए फ्लैट शामिल हैं। इनकी खरीद-फरोख्त कच्चे में करने की जानकारी मिली है। जांच के दौरान मिले इलेक्ट्रानिक साक्ष्य, प्रापर्टी, शेयर और निवेश के दस्तावेजों की जांच होगी। इसके आधार पर टैक्स चोरी का आकलन किया जाएगा।
मीडिया से भगत ने कहा- केवल परेशान किया जा रहा
आयकर विभाग की सभी टीमें रायपुर स्थित विधायक कालोनी स्थित भगत के घर और अंबिकापुर के केनाबांधा स्थित आवास से वापस लौट गई हैं। हालांकि क्या मिला, क्या जब्त हुआ, इसका आयकर के अधिकारियों ने ब्योरा नहीं दिया, लेकिन छापामारी के बाद अपने बेटे के साथ बाहर आए अमरजीत भगत ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि ये आदिवासियों को परेशान करने को लेकर ये कार्रवाई की गई है। एक आयकर की टीमों को एक सुई बराबर गड़बडी के दस्तावेज नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि सात लाख रुपये रायपुर स्थित घर से और 27 लाख रुपये अंबिकापुर से मिले हैं, जो खाते में थे, उन्हें भी जब्त कर आयकर की टीमें ले गई हैं।
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