छत्तीसगढ़: आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने दिया इस्तीफा, शीर्ष नेतृत्व पर लगाया यह आरोप…
छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। हुपेंडी ने कहा कि उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के रूखे व्यवहार से परेशान होकर इस्तीफा दिया है।
हुपेंडी ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है तथा उनके साथ राज्य के कुछ अन्य पदाधिकारियों ने भी पार्टी छोड़ दी है।
उन्होंने बताया, ”मैंने और मेरे साथ छह-सात अन्य पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।”
हुपेंडी ने कहा, ”मैं सरकारी नौकरी में था। मैं समाज के लिए कुछ करना चाहता था इसलिए मैं आम आदमी पार्टी में शामिल हो गया। यह पार्टी मुझे बेहतर लगी तथा दिल्ली में जो काम कर रहे थे, उससे मैं प्रभावित था।”
उन्होंने कहा, ”राज्य में पार्टी का संगठन कमजोर था लेकिन मैं इसमें आया और मैंने अच्छा काम किया जिससे संगठन बढ़ा। जब यहां 2023 में विधानसभा चुनाव हुए तब हम लोगों ने 90 सीट पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। लेकिन पार्टी पूरी सीट पर नहीं लड़ी। हम कहते रह गए। मैं प्रदेश अध्यक्ष हूं तो कम से कम मुझे बता देते कि पार्टी सभी सीट पर क्यों चुनाव नहीं लड़ रही है। जब हम शीर्ष नेतृत्व को फोन करते थे तब वे फोन उठाते नहीं थे। चुनाव में प्रत्याशियों को टिकट दे दिए गए थे लेकिन कोई सहयोग नहीं मिल रहा था। इससे कार्यकर्ता और उम्मीदवार परेशान थे। यदि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का ऐसा रुख रहेगा तब हम छत्तीसगढ़ को कैसे बदलेंगे। हम काम करना चाहते हैं लेकिन ऐसे में काम करना कठिन है, इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं तब उन्होंने कहा, ”इस संबंध में मैंने अभी कोई विचार नहीं किया है। कुछ समय बाद मैं इस पर विचार करूंगा।”
राज्य में पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 54 सीट पर चुनाव लड़ा था तथा पार्टी के सभी उम्मीदवार भारी अंतर से चुनाव हार गए थे।
इस विधानसभा चुनाव में ‘आप’ को 0.93 प्रतिशत वोट मिले। इससे पहले 2018 के चुनाव में ‘आप’ ने 85 सीट पर चुनाव लड़ा था और उसे 0.87 फीसदी मत प्राप्त हुए थे।राज्य में 2018 तथा 2023 के चुनावों में पार्टी के सभी उम्मीदवार जमानत नहीं बचा पाए।
आप की राज्य इकाई के प्रमुख रहे कोमल हुपेंडी ने 2023 के चुनाव में 15,255 वोट हासिल किये थे। भानुप्रतापपुर सीट से लगातार दूसरी बार हार का सामना करते हुए वह तीसरे स्थान पर रहे।
इस चुनाव में भाजपा ने 54 सीट जीतकर पांच साल बाद सत्ता में वापसी की है तथा विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार का गठन किया है। राज्य में कांग्रेस को 35 सीट मिलीं तथा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने एक सीट पर जीत हासिल की है।
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